लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत 26 मामलों की सुनवाई
*अधिकांश मामलों का ऑन स्पॉट निस्तारण, शेष मामलों में जांच एवं समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश*
लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्रथम अपीलीय प्राधिकार के रूप में प्रमंडलीय आयुक्त श्री राजेश कुमार ने 26 मामलों की सुनवाई की। इनमें रोहतास, भोजपुर एवं पटना जिले से संबंधित मामले शामिल थे। सुनवाई के दौरान अधिकांश मामलों का ऑन स्पॉट निस्तारण किया गया, जबकि जिन मामलों में विस्तृत जांच अथवा प्रतिवेदन की आवश्यकता थी उन्हें संबंधित पदाधिकारियों के पास जांच कर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया.
रोहतास के संजय प्रताप तिवारी द्वारा सासाराम में शिक्षकों के योगदान में अनियमितता से संबंधित शिकायतों पर प्रमंडलीय आयुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, रोहतास से इस संबंध मे प्रतिवेदन प्राप्त करने का निर्देश दिया।
भोजपुर के अवधेश कुमार पांडे की सरकार के अंशदान की राशि यूटीआई के खाते में जमा किए जाने से संबंधित शिकायत पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, भोजपुर को 15 दिनों के अंदर मामले का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
आरटीआई मंच, भोजपुर द्वारा सूर्य मंदिर तालाब के चारों ओर सीढ़ी घाट के निर्माण कार्य के अपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण नहीं होने संबंधी शिकायत पर प्रमंडलीय आयुक्त ने कार्य से संबंधित सभी अभिलेख बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को उपलब्ध कराने तथा उन्हें मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसी प्रकार जिला स्वास्थ्य समिति आरा में तीन वर्षों से अधिक समय से पदस्थापित कर्मियों के स्थानांतरण से संबंधित मामले में कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति को नियमानुकूल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
आरटीआई मंच, भोजपुर द्वारा अनियमित रूप से निबंधित निजी अस्पताल, नर्सिंग होम एवं क्लीनिक के विरुद्ध कार्रवाई से संबंधित शिकायत पर सिविल सर्जन, भोजपुर को तीन सप्ताह के भीतर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पटना जिले के चित्तरंजन कुमार की शिकायत थी कि उनके एम्बुलेंस का चालान मालवाहक वाहन के रूप में कर दिया गया है। मामले में प्रमंडलीय आयुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी, पटना को 15 दिनों के भीतर आवश्यक सुधार करते हुए मामले का निष्पादन करने का निर्देश दिया।
वहीं पटना के दिलीप कुमार सिंह द्वारा दाखिल-खारिज अभिलेख में अनियमितता किए जाने की शिकायत पर अपर समाहर्ता, पटना को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
प्रमंडलीय आयुक्त श्री राजेश कुमार ने सुनवाई के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक शिकायत से जुड़े मामलों में तथ्यों की निष्पक्ष जांच, परिवादियों को समय पर सूचना तथा नियमानुसार एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोक शिकायत निवारण की प्रक्रिया प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनी रहे।
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