कारखाना निरीक्षणालय की समीक्षा बैठक में श्रमिकों की सुरक्षा एवं कल्याण पर विशेष जोर
*श्रमिकों को मूलभूत सुविधा, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना हमारी प्राथमिकता : मंत्री* ,*श्री अरुण शंकर प्रसाद*
*कारखानों के आसपास सुरक्षा एवं मूलभूत जानकारी को लेकर लगाए जाये बैनर, पोस्टर : मंत्री*
*पटना, 25 अगस्त 2026।* माननीय मंत्री, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग श्री अरुण शंकर प्रसाद की अध्यक्षता में आज कारखाना निरीक्षणालय की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कारखाना निरीक्षणालय के कार्यों, उपलब्धियों एवं विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के प्रारंभ में श्रमायुक्त, बिहार श्री राजेश भारती एवं मुख्य कारखाना निरीक्षक श्री संजय कुमार ने उपस्थित अधिकारियों का परिचय कराया तथा निरीक्षणालय द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं विभागीय दायित्वों के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। अधिकारियों ने कारखानों में श्रम कानूनों के अनुपालन, श्रमिकों की सुरक्षा एवं कल्याण तथा निरीक्षण व्यवस्था से संबंधित कार्यों की प्रगति से मंत्री महोदय को अवगत कराया।
बैठक में बताया गया कि व्यवसाय सुधार कार्य योजना (Business Reform Action Plan) के अंतर्गत वर्ष 2016 से वैसे कारखानों, जहां 20 से कम कामगार नियोजित हैं, को कारखाना लाइसेंस के नवीकरण की प्रक्रिया से छूट प्रदान की गई है। वहीं, 20 से अधिक कामगारों वाले कारखानों के लाइसेंस की वैधता अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दिया गया है।
वर्तमान में राज्य में 20 से अधिक कामगारों वाले कुल 2,502 कारखाने हैं, जिनमें पटना में 800, दरभंगा में 133, समस्तीपुर में 398 तथा वैशाली में 361 कारखाने शामिल हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि कारखानों में श्रमिकों के हित में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्रमिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके माध्यम से कारखाना मालिकों एवं श्रमिकों को श्रम कानूनों, कार्यस्थल सुरक्षा, न्यूनतम वेतन तथा आपातकालीन परिस्थितियों में किए जाने वाले आवश्यक उपायों की जानकारी दी जाती है।
माननीय मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ श्रमिकों के हितों और उनके लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर नियमित निगरानी एवं प्रभावी निरीक्षण के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों एवं कल्याण की रक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक संख्या में श्रमिकों के साथ संवाद स्थापित किया जाए, ताकि उन्हें अपने अधिकारों एवं कारखानों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी मिल सके। उन्होंने कारखानों में श्रमिकों के लिए रहने की उचित व्यवस्था, कैंटीन तथा महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि जागरूक श्रमिक कार्यस्थल की उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए श्रमिकों के प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके कार्य करने की अवधि और कार्य परिस्थितियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। मंत्री ने कारखानों एवं उनके आसपास सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए बैनर, पोस्टर एवं डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए।
माननीय मंत्री ने कहा कि विभाग के लिए श्रमिक हित सर्वोपरि है और श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान, कल्याण एवं अधिकारों की रक्षा के लिए सभी अधिकारियों को विशेष संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में कारखाना निरीक्षणालय के अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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