शिक्षा की गुणवत्ता के साथ नैतिकता, संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी जोर जरूरी : श्री अवधेश नारायण सिंह

शिक्षा की गुणवत्ता के साथ नैतिकता, संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी जोर जरूरी : श्री अवधेश नारायण सिंह

माननीय सभापति ने पुस्तक ‘बिफोर डेल्विंग इंटू एजुकेशन मैनेजमेंट’ का किया लोकार्पण

पटना। वरिष्ठ शिक्षाविद् और बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग में उप निदेशक डॉ. दीपक कुमार सिंह द्वारा रचित पुस्तक ‘बिफोर डेल्विंग इंटू एजुकेशन मैनेजमेंट’ का लोकार्पण गुरुवार को बिहार विधान परिषद् के माननीय सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह ने किया। समारोह बुद्ध मार्ग स्थित बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् के सभागार में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर माननीय सभापति ने कहा कि अच्छी पुस्तकें केवल शब्दों का संकलन नहीं होती हैं। यह लेखक के अनुभव, विचार और भावनाओं का संसार होती हैं। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिकता, संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने लेखक डॉ. सिंह को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा प्रबंधन पर अनुभव आधारित यह पुस्तक शिक्षा व्यवस्था को समझने और उसे बेहतर बनाने में उपयोगी साबित हो सकती है।
उच्च शिक्षा विभाग के माननीय मंत्री श्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि बिहार में प्रतिभा और मेधा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि शिक्षा व्यवस्था का बेहतर प्रबंधन कर इस प्रतिभा को सही दिशा दी जाए।
लेखक डॉ. सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग में लंबे समय तक कार्य करने के दौरान प्राप्त अनुभवों और शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं को पुस्तक में संजोने का प्रयास किया गया है। इसमें शिक्षा प्रबंधन, व्यवस्था की चुनौतियों और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं।
समारोह में बिहार म्यूजियम के महानिदेशक श्री अंजनी कुमार सिंह, बिहार रेरा के अध्यक्ष श्री विवेक कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री राजीव रौशन, निदेशक डॉ. एनके अग्रवाल, विशेष सचिव श्री पवन कुमार सिन्हा, प्रभात प्रकाशन के श्री पीयूष कुमार सहित शिक्षा जगत से जुड़े अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पुस्तक का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन द्वारा किया गया है।

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