सरकार और छात्र नेताओं के बीच हुए तथाकथित समझौते के आड़ में लाखों छात्रों के साथ धोखाधड़ी
पटना 30 अगस्त 2026 ; राजद के निवर्तमान प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों द्वारा किए गए आन्दोलन को सरकार और छात्र नेताओं के बीच हुए तथाकथित समझौते को आन्दोलनकारी छात्रों के भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने कहा है कि इस समझौते के आड़ में लाखों छात्रों के साथ धोखाधड़ी की गई है। इससे छात्रों में काफी नाराजगी और आक्रोश है।
राजद नेता ने कहा कि छात्र नेताओं को गफलत में रखकर केवल TRE4(टीआरई 4) को छोड़कर बाकी सभी मुद्दों को गठित होने वाली कमेटी के नाम पर टाल दिया गया है। टीआरई 4 में भी केवल एकल परीक्षा की मांग को छोड़कर अन्य मुद्दों को नजरंदाज कर दिया गया है, परीक्षा कब होगी और सफल अभ्यर्थियों का कब तक योगदान होगा, इसकी कोई चर्चा नहीं है। सीट भी कमा दिया गया है जबकि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले एक लाख शिक्षकों की बहाली का वादा किया गया था। वादे के अनुसार 28000 कम्प्यूटर शिक्षक, 6500 लाइब्रेरियन, 6020 शारीरिक शिक्षक एवं अनुदेशक की बहाली को गौण कर दिया गया। वर्षों से लम्बित बीएसएससी ( BSSC) परीक्षा की तिथि की घोषणा की मांग को भी लटका दिया गया।
राजद नेता ने बताया कि 70 वीं बीपीएससी और 1799 दारोगा के घोषित परिणाम में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए आन्दोलनकारी छात्र इसे रद्द करने और जांच कराने की मांग की थी । पर इस मांग को भी गठित होने वाली कमेटी के हवाले कर ठंढे बस्ते में डाल दिया गया।
राजद नेता ने कहा कि सरकार यदि छात्रों द्वारा उठाए गए अन्य मुद्दों पर शीघ्र हीं कोई निर्णय नहीं लेती है तो छात्रों के आक्रोश को देखते हुए संभव है कि छात्र पुनः सड़क पर उतरने को बाध्य हो जाएं।
0 Response to "सरकार और छात्र नेताओं के बीच हुए तथाकथित समझौते के आड़ में लाखों छात्रों के साथ धोखाधड़ी "
एक टिप्पणी भेजें