राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की पहल पर बिहार सरकार ने बढ़ाया कदम, दिशानिर्देश के बाद डिजिटल और पत्रिका के आवेदनों पर होगा विचार
बिहार में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप को देखते हुए वेबसाइट, न्यूज पोर्टल और विभिन्न प्रकार की पत्रिकाओं से जुड़े प्रेस प्रतिनिधियों के लिए मान्यता का रास्ता आसान होने की उम्मीद जगी है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय ने इस दिशा में पहल करते हुए बिहार सरकार के सूचना एवं जन संपर्क मंत्री श्री श्रवण कुमार से मुलाकात कर डिजिटल एवं पत्रिका पत्रकारिता को उचित महत्व देने की मांग की थी।
मुलाकात के दौरान निशिकांत राय ने मंत्री के समक्ष मांग रखी कि वेबसाइट और न्यूज पोर्टल के साथ-साथ साप्ताहिक, पाक्षिक एवं मासिक पत्रिकाओं से जुड़े पत्रकारों को भी बिहार सरकार की ओर से एक्रीडेशन कार्ड जारी करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और बड़ी संख्या में पत्रकार अब डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा पत्रिकाओं के माध्यम से समाचारों को जनता तक पहुंचा रहे हैं।
मंत्री श्री श्रवण कुमार ने इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद इस मामले में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हुई।
बिहार सरकार की प्रेस प्रतिनिधि मान्यता समिति ने संबंधित मामलों पर विचार करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय की दिशा में कदम बढ़ाया है। समिति ने अनुशंसा की है कि राज्य मुख्यालय, जिला एवं अनुमंडल मुख्यालयों से प्राप्त ऐसे प्रेस प्रतिनिधियों के आवेदन, जो वेबसाइट/पोर्टल तथा साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं अन्य पत्रिकाओं से संबंधित हैं, उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बाद ही समिति के समक्ष विचारार्थ रखा जाए।
इस निर्णय से डिजिटल मीडिया और पत्रिका क्षेत्र से जुड़े पत्रकारों में उम्मीद बढ़ी है कि मान्यता प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट नियम और मापदंड जल्द सामने आ सकते हैं।
आज के दौर में समाचारों की पहुंच केवल प्रिंट और पारंपरिक माध्यमों तक सीमित नहीं रह गई है। वेबसाइट और न्यूज पोर्टल कुछ ही क्षणों में समाचारों को बड़ी संख्या में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं। वहीं साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक पत्रिकाएं विश्लेषणात्मक तथा विषय आधारित पत्रकारिता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में इन माध्यमों से जुड़े पत्रकारों को सरकारी स्तर पर मान्यता मिलने से उनकी पेशेवर पहचान और कार्यक्षमता को मजबूती मिल सकती है।
मान्यता समिति की अनुशंसा के बाद अब अगला महत्वपूर्ण कदम आवश्यक दिशानिर्देश जारी करना माना जा रहा है। दिशानिर्देश जारी होने के बाद संबंधित पत्रकारों के आवेदनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समिति के समक्ष विचार के लिए रखा जा सकेगा।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की इस पहल को पत्रकारों के व्यापक हित से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि वेबसाइट, पोर्टल और पत्रिका से जुड़े पत्रकारों के लिए स्पष्ट और पारदर्शी मान्यता व्यवस्था लागू होती है, तो यह बिहार में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप को सरकारी मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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