उर्वरक बिक्री में अनियमितता पर केवल रिटेलर ही नहीं, थोक विक्रेता एवं कंपनियों पर भी होगी कठोर कार्रवाई

उर्वरक बिक्री में अनियमितता पर केवल रिटेलर ही नहीं, थोक विक्रेता एवं कंपनियों पर भी होगी कठोर कार्रवाई

दोषी कोई भी हो, नहीं बख्शा जाएगा; अनियमितता पर लाइसेंस होगा रद्द

उर्वरक की कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस, किसानों के हितों से नहीं होगा कोई समझौता

उर्वरक की कालाबाजारी और टैगिंग पर होगी सख्त कार्रवाई, एक सप्ताह में सभी दुकानों की जांच सुनिश्चित करें। 

~*विजय कुमार सिन्हा* 

 (05 अगस्त 2026)

माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आज सभी प्रमंडलीय संयुक्त निदेशक (शष्य) एंव जिला कृषि पदाधिकारियों के साथ राज्य में उर्वरक की उपलब्धता, उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, कालाबाजारी, अन्य अनियमितता पर प्रभावी नियंत्रण एवं विभागीय योजनाओं के प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। 

माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, टैगिंग अथवा किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता के प्रति राज्य सरकार की "जीरो टॉलरेंस" की नीति है। किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषी व्यक्तियों एवं संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

माननीय मंत्री ने कहा कि राज्य में खरीफ मौसम के लिए सभी प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में राज्य में 4.30 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.35 लाख मीट्रिक टन डी॰ए॰पी॰,2.50 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.69 लाख मीट्रिक टन एमओपी तथा 1.30 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निदेश दिया कि उर्वरकों का संतुलित एवं समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक किसान को उसकी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध हो सके।

उन्होंने सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निदेश दिया कि एक सप्ताह के भीतर जिले के सभी उर्वरक प्रतिष्ठानों का शत-प्रतिशत निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाया जाए तथा सभी निरीक्षण मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किए जाएं, जिससे निगरानी एवं कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बन सके।

कृषि मंत्री ने निदेश दिया कि उर्वरक की बिक्री के साथ किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग या अनिवार्य बिक्री की शिकायत मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान बिना पूर्व सूचना के दुकान बंद पाए जाने की स्थिति में भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निदेश दिया कि सभी जिलों में उर्वरक प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण हेतु प्रयोगशालाओं में भेजे जाएं, ताकि अमानक उर्वरकों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला उर्वरक निगरानी समिति की नियमित बैठक आयोजित कर उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण एवं शिकायतों की समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि किसान हेल्पलाइन सेंटर से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन पर विशेष बल दिया गया है। कृषि मंत्री ने निदेश दिया कि प्रत्येक शिकायत की उसी दिन जांच सुनिश्चित की जाए तथा अब तक प्राप्त सभी शिकायतों की जांच प्रतिवेदन 24 घंटे के भीतर मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाए। जिन मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनमें की जा रही कार्रवाई से भी मुख्यालय को नियमित रूप से अवगत कराने का निर्देश दिया गया।

कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरक बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर केवल रिटेलर ही नहीं, बल्कि संबंधित थोक विक्रेता एवं कंपनियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द करने सहित अन्य विधिसम्मत कार्रवाई  की जाएगी।

उन्होंने पदाधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता अथवा किसानों के हितों की उपेक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण को मुख्यालय तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश है कि विभागीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने, कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा कृषि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी तत्परता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। खरीफ मौसम में किसानों को निर्बाध रूप से उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। 

उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उर्वरकों की कालाबाजारी, टैगिंग, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा वितरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के साथ-साथ जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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