मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कर कमलों से हुआ बिहटा में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) के स्थायी परिसर का शिलान्यास

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कर कमलों से हुआ बिहटा में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) के स्थायी परिसर का शिलान्यास

बिहार की बेटियों को मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण
- स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की भी मिली मंजूरी, विदेशों में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे 
पटना। बिहार में महिलाओं के कौशल विकास और युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने की दिशा में गुरुवार माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कर कमलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहटा के सिकंदरपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) [NSTI (W)] के स्थायी परिसर का शिलान्यास किया गया। उक्त अवसर पर केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने भी वीडियो के माध्यम से अपना संदेश दिया। इस दौरान श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण तथा युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री, अरुण शंकर प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार,  मुख्य सचिव बिहार, प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव, लोकेश कुमार सिंह, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव, डॉ. कौशल किशोर, निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण, सुनील कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, शिलान्यास स्थल सिकंदरपुर, बिहटा, पटना में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।
कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार और भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के बीच स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर और आदान-प्रदान भी किया गया। इसे बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अपने सम्बोधन में माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) की स्थापना का उद्देश्य राज्य की युवतियों को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद और रोजगार योग्य बनाना है। अब तक बिहार की अनेक युवतियों को ऐसे प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन संस्थान के स्थायी परिसर के निर्माण के बाद उन्हें अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। संस्थान के निर्माण के लिए बिहार सरकार ने चार एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई है, जबकि भवन निर्माण पर करीब 99.97 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
संस्थान में क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम (CITS) के तहत कुल 13 व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें इलेक्ट्रिशियन, फिटर, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, फैशन डिजाइन एवं टेक्नोलॉजी, कॉस्मेटोलॉजी, ड्रेस मेकिंग, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक मोटर व्हीकल, एआई एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, ड्रोन तकनीशियन, सोलर तकनीशियन तथा रेडियोलॉजी तकनीशियन जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शामिल हैं। संस्थान की कुल प्रशिक्षण क्षमता 435 प्रशिक्षुओं की होगी। इसके माध्यम से इंजीनियरिंग ट्रेडों, महिला केंद्रित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तथा नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर बिहार की कौशल पारिस्थितिकी को मजबूत किया जाएगा।
कार्यक्रम में स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना को लेकर भी विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर भारत सरकार ने बिहार में इस केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार इसके बुनियादी ढांचे के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण के लिए सात करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी, जबकि संचालन शुरू होने के बाद तीन वर्षों तक परिचालन व्यय भी वहन करेगी। इसके बाद संचालन का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। प्रस्तावित केंद्र को नियोजन भवन में स्थापित किया जाएगा।
स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर का उद्देश्य बिहार के युवाओं को संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करना है। यहां युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण के साथ विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण, भाषा दक्षता, प्रमाणन और वैश्विक रोजगार के लिए आवश्यक तैयारियां कराई जाएंगी। यह केंद्र विदेशी नियोक्ताओं की मांग के अनुसार प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करेगा तथा सुरक्षित, पारदर्शी और वैध प्रवासन व्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। इसके माध्यम से बिहार के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कौशल विकास आज रोजगार और आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत माध्यम बन चुका है। राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) और स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर जैसी पहलें बिहार को देश के अग्रणी कौशल विकास राज्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन संस्थानों के माध्यम से न केवल राज्य की युवतियों और युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर आत्मनिर्भर बिहार और विकसित भारत के लक्ष्य को भी नई गति मिलेगी। कार्यक्रम का समापन युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव, डॉ कौशल किशोर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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