शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में गुणवत्ता, पारदर्शिता, नवाचार एवं जनभागीदारी पर विशेष जोर
पटना, दिनांक 08-05-2026
माननीय शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आज शिक्षा विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि संस्कृत शिक्षा बोर्ड एवं मदरसा बोर्ड में नियुक्तियों से संबंधित मामलों में जांच पूरी होने तक नई नियुक्तियों पर रोक रहेगी।
बैठक के दौरान बिहार राज्य शैक्षिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDC) के अंतर्गत संचालित सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। माननीय मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, प्रभावी निगरानी तथा निर्धारित मानकों के अनुपालन पर विशेष बल दिया, ताकि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना का विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी विद्यालयों में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पोषण मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। अधिकारियों को नियमित एवं गहन निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही केंद्रीकृत रसोईघरों (Centralized Kitchens) का भी समयबद्ध निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में "हमारा विद्यालय – हमारा स्वाभिमान" अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। माननीय मंत्री ने पूर्ववर्ती छात्रों (Alumni) से अपने विद्यालयों के विकास एवं उन्नयन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालयों को संसाधन, मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं अन्य रचनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने की अपील की, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हो सके।
बैठक में बिहार बोर्ड ऑनलाइन स्कूल ऑफ एजुकेशन (BBOSE) को अधिक से अधिक लोकप्रिय बनाने तथा इसकी उपयोगिता और सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालयी शिक्षा से वंचित, ड्रॉपआउट एवं वैकल्पिक शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मंच है, जिसकी पहुंच राज्य के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुनिश्चित की जानी चाहिए।
माननीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आधारभूत संरचना का विकास, विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा, तकनीक आधारित शिक्षा के विस्तार तथा समाज की सक्रिय भागीदारी को केंद्र में रखकर विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया।
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