घुमक्कड़ नुक्कड़ नाटक महोत्सव के चौथे दिन लाल दाग का मंचन
घुमक्कड़ नुक्कड़ नाट्य महोत्सव के चौथे दिन "लाल दाग" का मंचन
पटना। Voice into Theatre द्वारा आयोजित 7 दिवसीय घुमक्कड़ नुक्कड़ नाट्य महोत्सव के चौथे दिन बुद्धा पार्क के बाहरी परिसर में शाम 5:45 बजे नुक्कड़ नाटक "लाल दाग" का मंचन किया गया। स्लम बस्तियों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत इस नाटक ने मासिक धर्म (पीरियड्स) से जुड़े सामाजिक मिथकों, भेदभाव और जागरूकता के मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से दर्शकों के सामने रखा।
नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार आज भी समाज में मासिक धर्म को लेकर अनेक भ्रांतियाँ और वर्जनाएँ मौजूद हैं, जिसके कारण किशोरियों और महिलाओं को अनावश्यक भेदभाव का सामना करना पड़ता है। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और संवादों के माध्यम से यह संदेश दिया कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है और इसे शर्म या कलंक से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
नाटक का लेखन एवं निर्देशन मंजरी मणि त्रिपाठी ने किया है। महोत्सव के संयोजक सानु कुमार तथा संरक्षक डॉ. सुशील कुमार हैं।
नाटक में लक्ष्मी, डुग्गू, रोली, कोमल, सिमरन, आदित्य, शान्वी, आर्यन, संध्या, आनंद, शिवानी, दिशा, सुर्वी, सिमर, मोना और पिहू ने अभिनय किया। स्लम बस्तियों के इन बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को भावुक करने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
उल्लेखनीय है कि Voice into Theatre द्वारा आयोजित यह घुमक्कड़ नुक्कड़ नाट्य महोत्सव 1 जून से 7 जून 2026 तक पटना के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव के माध्यम से स्लम बस्तियों के बच्चे सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर आधारित नाटकों का मंचन कर समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं।
घूमेगा नाटक, बदलेगा समाज।
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