राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मॉनिटर द्वारा बंधुआ मजदूर एवं बाल श्रमिक मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मॉनिटर द्वारा बंधुआ मजदूर एवं बाल श्रमिक मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित

 बाल श्रम उन्मूलन हेतु जिला, प्रखण्ड एवं पंचायत स्तर पर टास्क फोर्स का किया गया है गठन : श्रमायुक्त

पटना, बिहार — आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 को विशेष सचिव, श्री उपेन्द्र प्रसाद एवं श्रमायुक्त बिहार, श्री राजेश भारती की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मॉनिटर श्री धनंजय टिंगल एवं संबधित विभागों के प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थानों के साथ नियोजन भवन स्थित प्रतिबिम्ब सभाकक्ष में बंधुआ मजदूरी एवं बाल श्रम से संबंधित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की गई। 
समीक्षा बैठक में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा बंधुआ मजदूरी एवं बाल श्रम से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति की गई, जिसमें वर्षवार उपलब्धि और बाल श्रम विमुक्त बिहार बनाए जाने की दिशा में विभाग द्वारा उठाये गए कदम की जानकारी दी गई। 
समीक्षा के दौरान श्री टिंगल ने बताया कि विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रयास से अन्य राज्यों से विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों की प्रविष्टि सी०एल०टी०एस० (CLTS) पोर्टल में कई बार सही तरीके से नहीं हो पाती है, जिसके कारण कई बच्चे पुनर्वास से संबंधित सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। जबकि बिहार में यह कार्य किया जा रहा है और सभी स्तर के पदाधिकारी इसके लिए क्रियाशील हैं, जो सराहनीय है। 
इस संबंध में श्रमायुक्त, बिहार द्वारा सुझाव दिया गया कि श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा एनजीओ के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए कार्यशाला आयोजित किया जाना है, ताकि विमुक्त कराए गए बाल श्रमिकों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने तथा सी०एल०टी०एस० पोर्टल में उनके नाम दर्ज करने के बीच होने वाले अंतराल को कम किया जा सके।
बैठक में श्रमायुक्त ने जानकारी दी कि बंधुआ मजदूरों एवं बाल श्रमिकों के पुनर्वास की समीक्षा हेतु मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में एक कार्ययोजना संचालित है, जिसके अंतर्गत संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे पुनर्वास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है। साथ ही जिला, प्रखण्ड एवं पंचायत स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसकी नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं।
बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के पश्चात उन्हें इनटाइटेलमेंट कार्ड प्रदान किया जाता है, जो ऑनलाइन पोर्टल पर भी उपलब्ध है। निर्देश दिया गया कि इनटाइटेलमेंट कार्ड बच्चों के अभिभावकों को भी उपलब्ध कराया जाए।
इसके अतिरिक्त नियोजकों से दंड स्वरूप वसूल की जाने वाली राशि के प्रभावी उपयोग के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में बाल श्रम उन्मूलन, विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास तथा विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। उक्त बैठक में बैठक में संयुक्त श्रमायुक्त, श्री विजय कुमार के साथ विभाग और बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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