गरीबों के चेहरों पर मुस्कान लाने का सतत प्रयास करती है - “खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण”

गरीबों के चेहरों पर मुस्कान लाने का सतत प्रयास करती है - “खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण”

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 05 मार्च ::

समाज में अनेक ऐसी संस्थाएँ कार्य कर रही हैं जिनका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशियों की छोटी-छोटी किरणें बिखेरना है। ऐसी ही एक संस्था है “खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण”, जो लगातार गरीब और वंचित वर्ग के लोगों की सहायता कर समाज में मानवता की मिसाल पेश कर रही है।

संस्था के अध्यक्ष प्रदीप कुमार के अनुसार, इस संगठन का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना है। उनका कहना है कि यदि किसी एक बच्चे या एक परिवार के चेहरे पर खुशी दिखाई देती है, तो संस्था के प्रयास सार्थक हो जाता है। यही भावना इस संस्था के कार्यों की प्रेरणा बनती है।

संस्था के कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण पहल गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करना है। कई ऐसे परिवार होते हैं जिनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं होती है कि वे शादी की आवश्यक व्यवस्थाएँ कर सके। 

ऐसे समय में “खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण” संस्था आगे बढ़कर उनकी सहायता करती है। संस्था की ओर से गरीब परिवारों को शादी के समय चावल, आटा, सब्जी, मसाले, नमक जैसी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही दुल्हन के लिए वस्त्र और अन्य जरूरी सामान भी दिए जाते हैं। 

इस सहयोग से न केवल परिवार की आर्थिक चिंता कम होती है, बल्कि उन्हें यह एहसास भी होता है कि समाज में ऐसे लोग हैं जो उनके सुख-दुख में साथ खड़े हैं।
भारतीय समाज में त्योहारों का विशेष महत्व होता है। लेकिन कई गरीब परिवार ऐसे होते हैं जिनके लिए त्योहार भी आर्थिक तंगी के कारण बोझ बन जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए संस्था हर वर्ष विभिन्न पर्वों पर जरूरतमंदों के बीच सामग्री का वितरण करती है।

संस्था द्वारा मीठापुर गौड़िया मठ के पास स्थित स्लम एरिया के बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। होली के अवसर पर रंग, अबीर-गुलाल, पिचकारी और मिठाइयाँ वितरित की जाती हैं। दुर्गा पूजा (दशहरा) के समय पूजा सामग्री का वितरण किया जाता है। छठ महापर्व के अवसर पर छठ पूजा की आवश्यक सामग्री भी जरूरतमंद परिवारों को दी जाती है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संस्था यह सुनिश्चित करती है कि समाज का कोई भी वर्ग त्योहारों की खुशियों से वंचित न रहे।

हाल ही में होली के अवसर पर संस्था ने मीठापुर गौड़िया मठ के पास स्थित स्लम क्षेत्र में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों के बीच विभिन्न प्रकार की सामग्री वितरित की गई। वितरण की गई सामग्री में पिचकारी, रंग, अबीर, गुलाल के पैकेट, चॉकलेट, लड्डू, गुझिया (पेड़किया), साबुन की टिकिया और शैम्पू के पाउच शामिल थे।

जब बच्चों को पिचकारी और रंग मिले, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। चॉकलेट और मिठाइयाँ पाकर उनकी खुशी और भी बढ़ गई। वहीं, अभिभावकों को भी साबुन, शैम्पू और अन्य सामग्री मिलने से काफी राहत महसूस हुई। इस कार्यक्रम ने न केवल जरूरतमंद परिवारों के बीच त्योहार की खुशियाँ पहुंचाईं, बल्कि संस्था के सदस्यों को भी एक अलग तरह की संतुष्टि और खुशी का अनुभव कराया।

“खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण” संस्था केवल सामग्री वितरण तक ही सीमित नहीं है। यह संगठन समय-समय पर विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित करता है। संस्था की ओर से कवि सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं, जिससे साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा विकलांग स्कूलों और नेत्रहीन विद्यालयों में भी समय-समय पर कैम्प लगाकर छात्रों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है। इन गतिविधियों के माध्यम से संस्था समाज के हर वर्ग के लोगों तक अपनी सेवा पहुंचाने का प्रयास करती है।

संस्था के विभिन्न कार्यक्रमों को सफल बनाने में उसके सदस्यों की सक्रिय भूमिका रहती है। हाल ही में आयोजित होली वितरण कार्यक्रम में संस्था के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे। इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष यतीश सिन्हा, कार्यक्रम संयोजक अंजनी कुमार सिन्हा, चंदन कुमार और अमेय आनंद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी सदस्यों ने मिलकर जरूरतमंद परिवारों के बीच सामग्री का वितरण किया और बच्चों के साथ त्योहार की खुशियाँ साझा की।

आज के समय में जब समाज में कई चुनौतियाँ सामने हैं, ऐसे में “खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण” जैसी संस्थाएँ मानवता और सेवा का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। संस्था यह संदेश देती है कि अगर समाज का हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करे, तो समाज में खुशियों की कमी नहीं रहेगी। गरीब बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान और उनके अभिभावकों की खुशी ही इस संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यही मुस्कान संस्था के नाम “खिलखिलाहट : मुस्कान की किरण” को सच्चे अर्थों में सार्थक बनाती है।
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