मंत्री संजय सिंह (टाइगर) ने की बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा
- प्रशिक्षण संस्थाओं में समुचित प्रबंधन और गुणवत्ता पूर्ण प्रशिक्षण कराए जाने का दिया सख्त निर्देश
- किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर होगी नियमानुकूल कारवाई, पंजीकरण भी होगा रद्द
पटना, 06 फरवरी 2026: युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार के अंतर्गत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन के सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विभाग के माननीय मंत्री संजय सिंह (टाइगर) ने गहन समीक्षा की। नियोजन भवन स्थित प्रतिबिंब सभागार में आयोजित इस मैराथन समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर, अपर सचिव, श्री हेमंत कुमार सिंह, माननीय मंत्री के आप्त सचिव, श्री वरुण कुमार सिंह, मिशन निदेशक, श्री मनीष शंकर सहित मिशन से संबधित पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में कुशल युवा कार्यक्रम (KYP), बी. एस–सी. एफ. ए (BS-CFA), डोमेन स्किल्लिंग, भर्ती–प्रशिक्षण–तैनाती (RTD), आर.पी. एल (RPL) और मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना की प्रगति पर बिंदुवार चर्चा की गई, जिसमें कुछ खामियाँ सामने आई। मंत्री ने इन कमियों पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए तत्काल सुधार के सख़्त निर्देश दिए।
डोमेन स्किल्लिंग की समीक्षा के दौरान माननीय मंत्री, संजय सिंह (टाइगर) ने प्रशिक्षण संस्थानों असंतोषजनक प्रदर्शन पर विशेष चिंता जताई और इसे मिशन मोड में त्वरित कारवाई करते हुए 15 दिनों के अंदर दुरुस्त करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस कार्यक्रम से जुड़े सभी 16 विभागों में बिहार कौशल विकास मिशन से प्रतिनियुक्त पदाधिकारी राज्य कार्य योजना पर शीघ्र अनुमोदन प्राप्त कर भावी रणनीति तैयार करें, ताकि प्रशिक्षण निर्बाध रूप से संचालित हो सके और युवाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण मिल सके, जिससे वे रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ सकें।
माननीय मंत्री ने 7 निश्चय में शामिल कुशल युवा कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने दो टूक कहा कि जहाँ भी केंद्र ठीक से संचालित नहीं हो रहे हैं या किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, वहाँ की मान्यता रद्द की जाए। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्रों की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कर शासी परिषद के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
श्री सिंह ने यह भी निदेशित किया कि जिला कौशल प्रबंधक और नोडल पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर समीक्षा कर त्वरित कारवाई सुनिश्चित किया जाए। साथ ही एक से अधिक कौशल विकास केंद्रों के संचालन करने वालों संचालकों की विशेष मॉनिटरिंग की जाए तथा राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के माध्यम से भी सभी प्रशिक्षण संस्थानों की निरंतर मॉनिटरिंग और फील्ड वेरिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए। मंत्री ने दोहराया कि बिहार के युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा और कौशल विकास कार्यक्रमों की गुणवत्ता व पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अगर इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाएगी तो कौशल विकास केंद्रों/संस्थानों का पंजीकरण रद्द करने के साथ नियमानुकूल कारवाई भी की जाएगी।
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