परीक्षा से एक सप्ताह पूर्व नियम बदलाव पर सवाल, सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग ।
बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं के 'डिजिटल स्क्रीनिंग/डिजिटल मूल्यांकन संबंधी नियम को परीक्षा से मात्र एक सप्ताह पूर्व लागू करने के निर्णय पर कड़ी आपति दर्ज कराई है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. डी. के. सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. एस. एम. सोहेल, राष्ट्रीय सचिव श्री प्रेम रंजन एवं महासचिव श्री विजय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से छात्रहित में फैसला लेते हुए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस निर्णय को वर्तमान सत्र के लिए तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
"विद्यार्थियों के भविष्य से प्रयोग स्वीकार नहीं"
संस्था ने कहा कि बिना पर्याप्त तैयारी, प्रशिक्षण एवं पायलट परीक्षण के इस प्रकार का बड़ा परिवर्तन लागू करना विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, निष्पक्ष मूल्यांकन एवं समान अवसर के सिद्धांत के विरुद्ध है।
मुख्य चिंताएँ:
परीक्षा से ठीक पहले नियम लागू होने से व्यापक भ्रम
विद्यार्थियों में मानसिक दबाव और प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव
शिक्षकों का अपर्याप्त तकनीकी प्रशिक्षण
ग्रामीण एवं शहरी क्षेों के बीच डिजिटल असमानता
मूल्यांकन की एकरूपता पर गंभीर प्रश्न
बिना चरणबद्ध परीक्षण के सीधा कार्यान्वयन
संस्था ने स्पष्ट किया कि यदि इस नियम को तत्काल स्थगित नहीं किया गया तो देशभर के विद्यार्थियों में असंतोष और असुरक्षा की भावना
और गहरी होगी।
संस्था की मांगः
वर्तमान सत्र में नियम को निरस्त किया जाए
भविष्य में चरणबद्ध एवं पायलट परीक्षण के बाद लागू किया जाए
शिक्षर्का के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हों
विद्यार्थियों को मॉडल उत्तर-पुस्तिकाएँ एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएँ
संस्था ने आशा व्यक्त की है कि प्रधानमंत्री विद्यार्थियों के हितों की रक्षा हेतु शीघ्र हस्तक्षेप करेंगे।
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