केंद्र-राज्य समन्वय से कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
(दिनांक 24.02.2026)
माननीय मंत्री, श्री शिवराज सिंह चौहान, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में प्रधान मंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पी॰एम॰-आर॰के॰भी॰वाई॰), कृषोन्नति योजना (के॰वाई॰) तथा मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (एन॰एम॰एन॰एफ॰) योजनाओं की समीक्षा प्रधान मंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पी॰एम॰-आशा) के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बैठक में बिहार की ओर से माननीय कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव, कृषि निदेशक श्री सौरभ सुमन यादव, उद्यान निदेशक श्री अभिषेक कुमार सहित कृषि विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान माननीय कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री को अवगत कराया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आर॰के॰भी॰वाई॰) के प्रथम मदर सैंक्शन के अंतर्गत विभिन्न कम्पोनेंट्स में इंटरचेंज की अनुमति हेतु 18 फरवरी को अनुरोध प्रेषित किया गया है। इंटरचेंज की स्वीकृति प्राप्त होने पर लगभग 75 प्रतिशत राशि का व्यय सुनिश्चित कर लिया जाएगा, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में और गति आएगी।
माननीय मंत्री द्वारा के॰वाई॰ योजना के अंतर्गत नेशनल ऑयलसीड एण्ड पल्सेस मिशन (एन॰ओ॰एस॰पी॰एम॰), ऑयलसीड तथा कृषि प्रसार कार्यक्रम (आत्मा) हेतु द्वितीय किस्त शीघ्र उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया, ताकि राज्य में किसानों को समय पर लाभ पहुंचाया जा सके।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एम॰आई॰डी॰एच॰) योजना के अंतर्गत अब तक 77 प्रतिशत राशि व्यय की जा चुकी है तथा द्वितीय किस्त हेतु प्रस्ताव आज ही प्रेषित किया गया है। के॰वाई॰ योजना के अंतर्गत भी व्यय की स्थिति संतोषजनक है, जो कुल आवंटन का 76 प्रतिशत है।
माननीय कृषि मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से किसानों के हित में संचालित योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा तथा कृषि क्षेत्र में उत्पादन, उत्पादकता और आय वृद्धि के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
माननीय कृषि मंत्री, बिहार द्वारा स्पष्ट रूप से निदेश दिया गया कि सभी पदाधिकारी केन्द्रीय योजनाओं में व्यय प्राथमिकता के आधार पर करना सुनिश्चित करेंगे तथा केन्द्र सरकार के पास बची हुई राशि विमुक्ति हेतु एक सप्ताह के अंदर प्रस्ताव भेजेंगे।
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