आयुक्त की अध्यक्षता में पीएमसीएच के रोगी कल्याण समिति की बैठक हुई

आयुक्त की अध्यक्षता में पीएमसीएच के रोगी कल्याण समिति की बैठक हुई

विगत आठ महीना में 36,27,477 पैथोलोजी टेस्ट किया गया; ओपीडी में 3,30,953 मरीजों को देखा गया, प्रमंडलीय आयुक्त ने उत्कृष्ट उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए अस्पताल प्रशासन को रोगियों के लिए आगे भी बेहतर-से-बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय रहने का दिया निदेश
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सुदृढ़, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता; सभी स्टेकहोल्डर्स रोगियों के कल्याण के प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें; जरूरतमंदों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने के लिए विशेष प्रयास करेंः प्रमंडलीय आयुक्त
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प्रबंधन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व तथा वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने का प्रमंडलीय आयुक्त ने दिया निदेश
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पटना, बुधवार, दिनांक 28.01.2026ः आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना -सह-अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति, पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पटना श्री अनिमेष कुमार पराशर ने कहा है कि सृदृढ़, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अस्पताल के सुचारू काम-काज एवं सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहना होगा। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में पीएमसीएच के रोगी कल्याण समिति की बैठक में अध्यक्षीय संबोधन कर रहे थे। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि  सात निश्चय कार्यक्रमों के तहत सभी के लिए उत्तम स्वास्थ्य सुविधा के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सम्पूर्ण तंत्र तत्पर रहे। प्रभावी, कुशल एवं उत्तरदायी प्रणाली को क्रियाशील रखें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 3 मई, 2025 को पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) पुनर्विकास परियोजना (फेज-1) अंतर्गत अस्पताल भवन के टावर (I) एवं (II) में 1,117 शैय्या के अस्पताल का उद्घाटन किया गया था। इन दो नए भवनों के उद्घाटन से मरीजों को उत्कृष्ट सुविधा प्राप्त हो रही है। पीएमसीएच पुनर्विकास परियोजना के तहत शेष कार्यों को शीघ्र ही पूर्ण करने का लक्ष्य है जिसके बाद 5,462 बेड की सुविधा के साथ पीएमसीएच देश का सबसे बड़ा एवं विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बन जाएगा। 

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि पीएमसीएच में रोगियों को  काफी अच्छी सुविधा मिल रही है। अधीक्षक द्वारा बताया गया है कि यहाँ हर रोज 15,000 से ज्यादा पैथोलोजी टेस्ट किया जा रहा है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है। पीएमसीएच में प्रतिदिन 22 विभागों का ओपीडी संचालित होता है। नवनिर्मित दोनों भवनों में अनेक विभाग का ओपीडी शिफ्ट कर दिया गया है। औषधि, जिरियाट्रीक, मेडिसीन, पीएसएम, शिशु, कार्डियोलॉजी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, पीएमआर, दंत, चर्म एवं रति रोग, कान, नाक एवं गला वाह्य विभाग इत्यादि का संचालन किया जा रहा है। प्रतिदिन लगभग 2000 से 3000 मरीजों को ओपीडी में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मरीजों की चिकित्सा हेतु बेहतर-से-बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। परियोजना निदेशक, एल एण्ड टी को लंबित कार्यों को तेजी से कराने का निदेश दिया गया है। 

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि पीएमसीएच परिसर में भवनों का निर्माण, वार्डों एवं कक्षों का आवश्यकतानुसार रिलोकेटिंग तथा मरीजों का इलाज एक साथ चल रहा है। रोगियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित रखने का निदेश दिया गया है। अधीक्षक को मरीजों की हर सुविधा का ख्याल रखने का निदेश दिया गया है।

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि अधिकारियों को जेपी गंगापथ एवं मखनिया कुँआ के रास्ते पीएमसीएच आने के मार्ग को अतिक्रमणमुक्त रखने का निदेश दिया गया है। इसके लिए अपर जिला दंडाधिकारी  (नगर-व्यवस्था) को नियमित तौर पर अभियान चलाने का निदेश दिया गया है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि मरीजों को आवागमन में कोई परेशानी न हो इसके लिए पीएमसीएच को जेपी गंगापथ से जोड़ा गया है। साथ ही अशोक राजपथ से डबल-डेकर फ्लाईओवर से भी पीएमसीएच की कनेक्टिविटी की जा रही है। इसे मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।बीएमएसआईसीएल द्वारा बनाए जा रहे तीन एमएलसीपी (मल्टी लेवल कार पार्किंग) से पीएमसीएच तीन स्थानों पर डबल-डेकर फ्लाईओवर से जुड़ जाएगा। इससे रोगियों, परिजनों एवं चिकित्सकों को आने-जाने में काफी सुविधा होगी। प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) को अस्पताल के नजदीक पार्किंग की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित रखने का निदेश दिया गया ताकि एम्बुलेंस एवं परिजनों को वाहन लगाने में कोई समस्या न हो। अस्पताल के इन्ट्री एवं एक्जिट को अवरोधमुक्त रखने का निदेश दिया गया।  
प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रोगियों को भर्ती होने में पीएमसीएच में कोई समस्या नहीं होती है। अस्पताल द्वारा सुविधाजनक ढंग से मरीजों को एडमिट कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि कोई भी चिकित्सा संस्थान जब गंभीर हालत में रोगियों को दूसरे संस्थान में रेफर करे तो उस संस्थान के प्रमुख या उनके प्रतिनिधि को रेफर किए जाने वाले संस्थान के प्रमुख या उनके प्रतिनिधि से सम्पर्क कर लेना चाहिए। यह रेफरल पॉलिसी भी कहता है तथा व्यावहारिक एप्रोच भी है। ऐसे रोगियों को समय पर सभी सुविधा भी प्राप्त हो जाएगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि मरीजों को उत्कृष्ट सुविधा प्राप्त हो यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हर एक हितधारक अपनी-अपनी भूमिका का भली-भाँति निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच प्रशासन द्वारा आपातकालीन इकाई/विभागों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया/एसओपी का निर्धारण किया गया है। सभी संबंधित पदाधिकारी इसका अनुपालन सुनिश्चित करें। 

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि दूर-दराज और वंचित समुदाय के लोगों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा ही एक मात्र स्रोत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी प्रणाली की रीढ़ है, जो सभी नागरिकों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के इलाज को प्राथमिकता दी जाए। 
आज के इस बैठक में रोगी कल्याण समिति द्वारा प्रस्तावित एजेंडा पर एक-एक कर चर्चा की गई। अस्पताल के प्रबंधन एवं संचालन पर विस्तृत विमर्श किया गया। मरीजों के हित में दवाओं एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता, इमर्जेंसी, ऑपरेशन, पैथोलोजी, एमआरआई, अल्ट्रासाउण्ड एवं अन्य सुविधा, स्वच्छता सहित विभिन्न बिन्दुओं पर अधीक्षक, पीएमसीएच-सह-सदस्य-सचिव, रोगी कल्याण समिति, पीएमसीएच द्वारा उपस्थापित प्रस्तावों एवं प्रतिवेदन पर समिति के सदस्यों ने चर्चा की। 

अधीक्षक, पीएमसीएच द्वारा प्रमंडलीय आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि रोगी कल्याण समिति की विगत बैठक में लिए गए निर्णयों का सम्यक अनुपालन किया गया है। रोगियों के कल्याण हेतु सम्पूर्ण तंत्र सजग एवं सतत प्रयत्नशील है। अस्पताल में आने वाले रोगियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध कराते हुए समुचित इलाज की सुदृढ़ व्यवस्था है। इमरजेन्सी में आने वाले मरीजों का समुचित इलाज किया जाता है। 

अधीक्षक, पीएमसीएच द्वारा प्रमंडलीय आयुक्त के संज्ञान में लाया गया कि अस्पताल में मरीजों के लिए एक्स-रे, ब्लड, इको, ईसीजी, ईईजी, एनसीएस, हॉल्टर, अल्ट्रासाउण्ड, पी.टी.ए., कोविड, सीटी-स्कैन, एमआरआई, टीएमटी, मैमोग्राफी एवं एंजियोग्राफीकी जाँच की उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध है। 01 जून, 2025 से 25 जनवरी, 2026 तक ओपीडी में 3,30,953 मरीजों को देखा गया। ओपीडी के माध्यम से भर्ती किए गए 19,127 मरीजों को आईपीडी की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। इसी अवधि में 36,27,477 पैथोलोजी टेस्ट किया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए  कहा कि पैथोलोजी टेस्ट की यह संख्या अत्यंत प्रभावकारी है। भविष्य में भी अस्पताल प्रशासन रोगियों के लिए बेहतर-से-बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय रहे। अधीक्षक द्वारा यह भी बताया गया कि 01 जून, 2025 से 25 जनवरी, 2026 तक की अवधि में 7,914 मेजर ऑपरेशन तथा 24,331 माईनर ऑपरेशन किया गया। 85,493 मरीजों को इमर्जेन्सी में देखा गया। सामान्य प्रसव की संख्या 1,194 तथा सिजेरियन सेक्शन की संख्या 1,647 है। 7,106 एमआरआई (पीपीपी मॉडल); 15,609 सीटी स्कैन (पीपीपी मॉडल); 39,062 यूएसजी; 66,828 एक्स-रे तथा 4,815 डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करायी गई। मरीजों के लिए सभी आवश्यक (लगभग 378 प्रकार की) दवाओं की आपूर्ति की जाती है। प्रत्येक वार्ड एवं इमर्जेंसी वार्ड में स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था है। 

प्रमंडलीय आयुक्त ने उप महाप्रबंधक, बीएमएसआईसीएल को निदेश दिया कि अस्पताल में दवा की पर्याप्त उपलब्धता सदैव सुनिश्चित रहे। मरीजों की संख्या के अनुपात में तथा आवश्यक दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति हो। दवा आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी स्थिति में कोई व्यवधान नहीं आए। उन्होंने कहा कि एनआईसीयू वेंटिलेटर एवं आवश्यकतानुसार अन्य उपकरणों की आपूर्ति, विभिन्न विभागों में आधारभूत संरचनाओं एवं अन्य समस्याओं का तत्परतापूर्वक निराकरण करें। प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा उप महाप्रबंधक, बीएमएसआईसीएल को अस्पताल अधीक्षक से नियमित तौर पर समन्वय स्थापित कर रोगियों के हित में आवश्यक कार्य करने का निदेश दिया गया।

प्रमंडलीय आयुक्त ने निदेश दिया कि पटना नगर निगम द्वारा अस्पताल परिसर का नियमित तौर पर तथा समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर साफ-सफाई सुनिश्चित किया जाए। नगर कार्यपालक पदाधिकारी, बांकीपुर अंचल पीएमसीएच के अधीक्षक से समन्वय स्थापित कर इसे सुनिश्चित कराएंगे। उन्होंने नगर आयुक्त को पीएमसीएच परिसर में साफ-सफाई की गतिविधियों का अनुश्रवण करने का निदेश दिया।

प्रमंडलीय आयुक्त ने अधीक्षक को गैप विश्लेषण कर स्वीकृत बलों की संख्या की तुलना में चिकित्सकों एवं कर्मियों की पदस्थापना/प्रतिनियुक्ति, आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति, बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम नर्सिंग की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु विधिवत कार्य करने का निदेश दिया गया। जैव चिकित्सा अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।   

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रोगियों के इलाज हेतु उत्कृष्ट सुविधा प्रदान करने के लिए उनके स्तर से स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा बीएमएसआईसीएल से नियमित तौर पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। मरीजों के कल्याण हेतु सम्पूर्ण तंत्र तत्पर है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि रोगियों की अधिकतम संतुष्टि सुनिश्चित करना एवं मरीज-केंद्रित सेवा सुलभ कराना सभी का दायित्व है। दक्ष चिकित्सकों, सक्षम पेशेवरों एवं समर्पित कर्मचारियों के द्वारा मरीजों के प्रति मित्रवत वातावरण का निर्माण किया जा सकता है एवं समाज के हर ज़रूरतमंद व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इस दिशा में तत्पर रहने का निर्देश दिया।

इस बैठक में आयुक्त-सह-अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति के साथ अधीक्षक, पीएमसीएच डॉ. आईएस ठाकुर; अपर नगर आयुक्त, पटना नगर निगम; क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ, पटना प्रमंडल, पटना; आईएमए के प्रतिनिधि, उपाधीक्षक, पीएमसीएच, उप महाप्रबंधक, बीएमएसआईसीएल; क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक, स्वास्थ्य पटना प्रमंडल, पटना एवं रोगी कल्याण समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। 

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