धान अधिप्राप्ति कार्य में तेजी लाने का जिलाधिकारी ने दिया निदेश
धान अधिप्राप्ति सफलतापूर्वक करें, किसी भी किसान को धान बिक्री करने में कोई कठिनाई न होः जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिया निदेश
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पटना, बुधवार, दिनांक 26.11.2025ः जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में आज जिला अधिप्राप्ति टास्क फोर्स बैठक हुई। इसमें खरीफ विपणन मौसम, 2025-26 में विकेन्द्रीकृत अधिप्राप्ति व्यवस्था अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से धान अधिप्राप्ति में प्रगति की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने का निदेश दिया।
बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, पटना द्वारा प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके अनुसार पटना जिला में कुल चयनित पैक्सों/व्यापारमंडल की संख्या 208 है जिसमें 17 प्रखंडों में 31 समितियाँ सक्रिय है। अधिप्राप्ति वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान की बिक्री हेतु अबतक 5,524 किसानों द्वारा ऑनलाईन निबंधन किया गया है जिसमें 2,625 रैयत एवं 2,899 गैर रैयत है। जिला का धान उत्पादन 6,84,341.30 मे.टन है। नमी मापक यंत्र की संख्या 208 तथा बैंक से कैश क्रेडिट स्वीकृति राशि 12.257 करोड़ रुपया है। अबतक कुल 31 सक्रिय समितियों के माध्यम से ऑनलाईन पंजीकृत कुल 40 किसानों से 179.825 मे. टन धान क्रय किया गया है। क्रय किए गए धान का मूल्य 2,369+25 रुपया/क्विंटल की दर से कुल भुगतेय राशि 4305010.50 रुपये के विरूद्ध 12 किसानों को 19,82,567.16 रुपये भुगतान किया गया है। सत्यापित राइस मिलों की संख्या 30 है।
जिलाधिकारी द्वारा जिला सहकारिता पदाधिकारी को अधिक-से-अधिक पात्र समितियों को चयन करने का प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। साथ ही शत-प्रतिशत चयनित समितियों को अविलंब सक्रिय करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि हर एक प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि तीन दिन के अंदर शत-प्रतिशत पैक्स सक्रिय हो जाएँ तथा किसानों से खरीददारी प्रारंभ कर दें। अन्यथा लापरवाह प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि धान अधिप्राप्ति के इस पूरे अभियान के केन्द्र-बिन्दु हमारे किसान भाई हैं। हम सबका यह दायित्व है कि किसानों को धान बेचने में कोई समस्या न हो। अगर कोई इसमें व्यवधान उत्पन्न करेगा तो उसके विरूद्ध विधि-सम्मत सख्त-से-सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रबंध निदेशक, पाटलिपुत्र सेन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक को यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया कि किसानों को भुगतान में कोई देरी न हो। जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया कि किसी भी पैक्स को भुगतान में कोई विलंब न हो। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए गुणवत्तापूर्ण ढंग से धान अधिप्राप्ति का कार्य सुनिश्चित करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी द्वारा जिला सहकारिता पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु एक शिकायत निवारण सेल का गठन करें। इसके तहत एक दूरभाष संख्या जारी करें जिसपर किसान अपनी समस्याओं को दर्ज करा सकें। उन्होंने कहा कि दर्ज समस्याओं के आलोक में समाधान हेतु त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में पैक्स अध्यक्षों/उनके प्रतिनिधियों एवं निबंधित मिल संचालकों/उनके प्रतिनिधियों द्वारा भी भाग लिया गया। जिलाधिकारी द्वारा इन सभी से विस्तृत जानकारी ली गई तथा सभी को सरकार के निदेशों के अनुरूप विधिवत एवं नियमों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए तत्परतापूर्वक धान अधिप्राप्ति कार्य करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी द्वारा सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत प्रखंडों के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार धान अधिप्राप्ति करने के लिए नियमित अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत प्रखण्डवार समितियों की संख्या एवं सक्रिय समितियों की संख्या की समीक्षा करने का निदेश दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारियों को निदेशित किया गया कि पात्र अधिक-से-अधिक सहयोग समितियों के चयन का प्रस्ताव अनुमोदन हेतु उपलब्ध कराएँ। अधिप्राप्ति कार्य हेतु अधिक-से-अधिक समितियों को सक्रिय करें। प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के माध्यम से कार्यों में तेजी लाएँ। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि अनुमोदित समितियों को प्रबंध निदेशक, पाटलिपुत्र को-ओपरेटिव बैंक, पटना द्वारा शीघ्र कैश क्रेडिट लिमिट उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्रान्तर्गत गुणवत्तापूर्ण अधिप्राप्ति हेतु जिम्मेवार होंगे। उक्त क्रम में वे क्रय केन्द्रों पर नियमित निरीक्षण करते हुए विभागीय निदेशों का सख्ती से अनुपालन करायेंगे। किसी भी परिस्थिति में ऑनलाईन चयनित किसानों से ही धान क्रय किया जाए। बिचौलिये या अन्य कोई संगठन से क्रय किये जाने का मामला प्रकाश में आने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि सभी प्रखण्डों के नोडल पदाधिकारी नियमित क्षेत्र का भ्रमण कर क्रय केन्द्रों का निरीक्षण करेगें एवं क्षेत्र भ्रमण कर धान बिक्री करने वाले किसानों से साक्षात्कार कर सत्यापन करेगें एवं प्रतिवेदन समर्पित करेगें। जिलाधिकारी ने कहा कि वे स्वयं क्षेत्र भ्रमण के दौरान धान अधिप्राप्ति कार्य का भी निरीक्षण करेंगे तथा किसानों से फीडबैक लेंगे। किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता प्रकाश में आने पर दोषी अधिकारियों एवं समितियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को मिलों की तीव्र गति से जाँच करने एवं मिलों की जाँच का जियो-टैग्ड फोटोग्राफ्स उपलब्ध कराने का निदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी पैक्सों एवं मिलों के टैगिंग कार्य को नियमानुसार करने का निदेश दिया। मिल टैगिंग का प्रस्ताव प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमोदित करा कर भेजना सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी द्वारा क्रय किए गए धान के विरूद्ध किसानों को राशि के भुगतान किए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया तथा किसानों के लंबित राशि का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से 48 घंटे के अंदर करने का प्रबंध निदेशक, पाटलिपुत्र को-ओपरेटिव बैंक, पटना को निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसी भी किसान का भुगतान लंबित न रहे।
जिलाधिकारी ने जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम तथा जिला सहकारिता पदाधिकारी को निदेश दिया कि अनुमंडलवार भ्रमण कर लक्ष्य के अनुसार तीव्र गति से कराना सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि धान क्रय की रिर्पाेटिंग मोबाईल ऐप के माध्यम से प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी से प्राप्त कर समेकित प्रतिवेदन जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा दैनिक रूप से जिला आपूर्ति कार्यालय को उपलब्ध कराया जायेगा।
जिलाधिकारी ने सभी संबद्ध पदाधिकारियों को धान अधिप्राप्ति कार्य में सजग एवं तत्पर रहने का निदेश दिया है।
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