कृषि विभाग के अधिकारी कार्यालय में नहीं फिल्ड में रहेंगे राम कृपाल यादव
*रबी मौसम में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए माननीय कृषि मंत्री ने की समीक्षा बैठक*
*खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए उड़नदस्ता का गठन का निर्देष*
*कृषि विभाग के अधिकारी कार्यालय में नहीं फिल्ड में रहेंगे*
*-राम कृपाल यादव*
(दिनांक 28.11.2025)
राज्य में रबी मौसम के दौरान किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज माननीय कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव जी ने विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उर्वरकों की वर्तमान उपलब्धता, भंडारण, आपूर्ति व्यवस्था और वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
माननीय मंत्री ने कहा कि किसानों को एक भी दिन उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने प्रधान सचिव, कृषि विभाग, श्री पंकज कुमार को निर्देश दिया कि मुख्यालय स्तर से विशेष उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) टीम का गठन कर सभी जिलों में औचक छापामारी कराई जाए, ताकि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूलने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
माननीय मंत्री ने कहा कि “अब कृषि विभाग का कोई भी अधिकारी सिर्फ कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। सभी अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में जाकर किसानों से सीधा संवाद स्थापित करना होगा और जमीनी हकीकत की निगरानी करनी होगी।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी जिलों में उर्वरकों की दैनिक निगरानी रिपोर्ट तैयार की जाए तथा किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, किसानों को किसी प्रकार की समस्या होने पर त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम को भी और अधिक सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया।
कृषि मंत्री ने दोहराया कि किसानों के हित से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार उनकी फसलों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा बिहार को रबी मौसम के लिए 13.50 लाख मे0 टन यूरिया, 3.90 लाख मे0 टन डीएपी, 3.50 लाख मे0 टन एनपीके, 1.50 लाख मे0 टन एमओपी तथा 1.00 लाख मे0 टन एसएसपी की आवश्यकता निर्धारित की गई है। इस निर्धारित आवश्यकता के अनुरूप राज्य में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और वर्तमान में किसी भी जिले में कमी नहीं है।
राज्य के स्टॉक की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 28.11.2025 की तिथि तक 3.34 लाख मे0टन यूरिया, 1.55 लाख मे0टन डीएपी, 2.37 लाख मे0टन एनपीके, 0.55 लाख मे0टन एमओपी एवं 1.12 लाख मे0 टन एसएसपी उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत रखा गया है और लगातार निगरानी की जा रही है।
माननीय मंत्री ने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर विक्रय एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता पर राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। रबी 2025-26 में अनियमितता के विरुद्ध अब तक 12 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और 41 प्रतिष्ठानों का उर्वरक लाईसेंस रद्द किया गया है। लगातार छापामारी एवं निरीक्षण अभियान से बाजार में पारदर्शिता और नियंत्रित मूल्य व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन जिलों या प्रखण्डों में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक नहीं हुई है, वहाँ जल्द से जल्द बैठक आयोजित की जाए। साथ ही प्रखण्डवार उप-आवंटन आवश्यकता एवं आच्छादन के आधार पर किया जाए। प्रतिष्ठानों में पॉस मशीन में प्रदर्शित उर्वरक मात्रा एवं वास्तविक भौतिक उपलब्धता का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
माननीय मंत्री ने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरक तस्करी पर रोक लगाने हेतु सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार छापामारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर सतर्क है और समय पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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