दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन ने सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव का किया आयोजन

दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन ने सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव का किया आयोजन

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 08 अगस्त :: 

सरस्वती विद्या मंदिर, उदासीन आश्रम के प्रांगण में दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन के तत्वावधान में एक भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों की रचनात्मकता ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के स्वर पूरे परिसर में गूंजते रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुसुम यादव ने की, जबकि विद्यालय की ओर से प्रमुख शिक्षकों नूतन कुमारी, विक्रम कुमार, संजू कुमारी, नीलम कुमारी, पूनम कुमारी, राखी कुमारी, राहुल शर्मा, रिमझिम कुमारी, प्रमोद पांडे और गोपेश झा की सक्रिय भागीदारी रही।

दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन की ओर से निदेशक डॉ. राकेश दत्त मिश्र, महिला अध्यक्ष डॉ. ऋचा दुबे और सदस्य रमेश कुमार चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य न केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच देना था, बल्कि उन्हें भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ना था।
दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन ने कार्यक्रम को बहुआयामी रूप दिया। चित्रकला, निबंध लेखन, भाषण/वाद- विवाद, नाट्य मंचन, राखी निर्माण, देशभक्ति गीत-भजन, पोस्टर मेकिंग और वृक्षारोपण जैसे विभिन्न आयोजन बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए रखा गया था।
गायन प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी मधुर आवाज से वातावरण को भावनाओं और ऊर्जा से भर दिया। वर्ग 8 की अंशिका कुमारी, सौम्या कुमारी, आरुही कुमारी, अंजलि कुमारी, साक्षी शर्मा, वर्ग 5 के सक्षम कुमार, वर्ग 9 की तान्या शर्मा वर्ग 6 की अक्षर सिन्हा, साक्षी कुमारी और वर्ग 3 के रूपम प्रताप, इन सभी प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति में सुर, ताल और भाव का अद्भुत समन्वय दिखाया।

चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 1 से लेकर उच्च कक्षाओं के छात्रों ने अपने ब्रश और रंगों से अद्भुत चित्र उकेरे।
प्रमुख प्रतिभागी रहे, जया कुमारी, विशाल कुमार, प्रियांशु, अंकुश, आयुष, सन्नी, आराध्या, कृतिका, शिवांश, सिद्धि, श्रेया, अदिराज, मणिशंकर, शिवप्रिया, यश, अहम, दिविषा सिंह, शिखा, नंदनी, मुस्कान, माहि, नारायणी, मंशी कुमारी आदि। इनके चित्रों में भारत की संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण, स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक मुद्दों की जीवंत झलक दिखी।

राखी निर्माण प्रतियोगिता में बच्चों ने परंपरा और नवाचार का सुंदर मेल प्रस्तुत किया। इसमें समीक्षा, आरुषी, सीमा, अक्षर सिन्हा, साक्षी कुमारी, राजलक्ष्मी, अदिति, अंशिका, आरुही, अंजलि और समया कुमारी की कृतियों में रंग, डिजाइन और प्रतीकों का विशेष ध्यान रखा गया।

वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय था "भारतीय और पश्चिमी सभ्यता"। इसमें सक्षम, अंजली, आयुष, तेजस, विराट, अर्पिता, सुन्नी, सलोनी, आस्था, तान्या, संभवी और अंशिका कुमारी ने ठोस तर्क और स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ अपनी बात रखी। इस प्रतियोगिता ने छात्रों की सोच, शोध और अभिव्यक्ति कौशल को एक नई दिशा दी।

ड्रामा प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक गहराई जोड़ी। भारत माता- वर्ग 8 के अदिति, अंकिता, अंशिका, राधा, आरोही, सौम्या और वैष्णवी ने देशभक्ति का अद्भुत प्रदर्शन किया। संस्कृति और प्रगति- वर्ग 6 की ईशा, साक्षी, अक्षरा, साक्षी शर्मा तथा वर्ग 7 के सौम्या, अंकित और आयुष ने भारतीय मूल्यों और आधुनिकता के बीच संतुलन का संदेश दिया। झूठ के पैर नहीं होते-  वर्ग 5 के राम भाष्कर, ध्रुव, मयंक, सौरव, संस्कृति वर्मा, सक्षम, आस्था और सीमा कुमार ने सत्य की महत्ता पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में वृक्षारोपण किया गया, जिसमें आम, नीम, अमरूद, जामुन और पीपल के पौधे लगाए गए। यह पहल बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की आदत डालने और हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
इस आयोजन ने साबित किया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक प्रक्रिया है जिसमें कला, संस्कृति, खेल और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होना चाहिए। बच्चों की सक्रिय भागीदारी और अभिभावकों की उत्साही मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन ने शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में एक मिसाल कायम किया है। बच्चों को उनके कौशल को निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का मंच देकर उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 

फुलवारी शरीफ में आयोजित यह सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता भर नहीं था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, मूल्यों और रचनात्मकता के पुनर्जीवन का उत्सव था। 
                 —------------

0 Response to "दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन ने सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव का किया आयोजन"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article