बोन और ज्वाइंट सप्ताह का पीएमसीएच से हुआ आगाज

बोन और ज्वाइंट सप्ताह का पीएमसीएच से हुआ आगाज


पूरे सप्ताह पटना सहित बिहार में हड्डी और जोड़ को मजबूत करने के लिए नागरिकों को जागरूक किया जाएगा

-बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन ने पीएमसीएच के हड्डी रोग विभाग के साथ मिलकर किया आयोजन


पटना। 

पीएमसीएच प्रांगण से 'बोन और ज्वाइंट सप्ताह' (हड्डी और जोड़ सप्ताह) की शुरूआत मंगलवार को की गई। एनाटोमी विभाग के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में 'इच वन, ट्रेंड वन, सेव वन' अर्थात एक व्यक्ति एक को प्रशिक्षित करे और एक जान बचाएं का नारा दिया गया। दरअसल, ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन ऑफ इंडिया पूरे देश में यह सप्ताह मना रहा है। इसी के तहत बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन ने पीएमसीएच के हड्डी रोग विभाग के साथ यह सप्ताह शुरू किया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ.(प्रो.) विद्यापति चौधरी थे। उन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।  इस अवसर पर उन्होंने आर्थोपेडिक एसोसिएशन की सराहना की। कहा, लोग सड़क दुर्घटना के शिकार का वीडियो बनाने लगते हैं। जबकि उन्हें अस्पताल ले जाना चाहिए। इसके लिए जागरूकता जरूरी है। 


इस अवसर पर हड्डी रोग विभाग के सहायक प्राध्यापक डा अरविंद कुमार ने जीवन रक्षा प्रक्रिया की ट्रेनिंग भी दी। बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रंजीत कुमार सिंह और सचिव डॉ. महेश प्रसाद ने बताया कि एक से छह अगस्त तक यह सप्ताह मनाया जाएगा। दोनों ने कहा कि कैसे हमलोग अपनी हड्डियों और जोड़ को मजबूत रख सकते हैं, इस पर प्रजेंटेशन हुआ। इस बार आईओए ने 'स्ट्रांग बोन, स्ट्रांगर नेशन' का थीम दिया है। आज दुनिया में सबसे ज्यादा एक्सीडेंट भारत में होता है। इसलिए यहां ट्रामा विक्टिम भी ज्यादा हैं। लगभग 4.5 लाख एक्सीडेंट हमारे देश में होते हैं। इसमें पुरुष ज्यादा पीड़ित होते हैं। इसलिए हमलोगों ने ट्रामा विक्टिम को बचाने के लिए एक थीम 'इच वन, ट्रेंड वन, सेव वन' बनाया है। इस पर कार्यशाला किया जाएगा और लोगों को अवेयर करेंगे। कोई भी व्यक्ति इच वन हो सकता है। वो आम आदमी, ट्रैफिक पुलिस... कोई भी हो सकता है। कार्यक्रम को पीएमसीएच के डीन डा राजीव, विभागाध्यक्ष डा भरत सिंह, डा अमूल्य सिंह आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डा राजीव आनंद, फैकल्टी, स्टूडेंट आदि मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से किया गया। 


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