दुर्घटनाग्रस्त मरीज के नाक से नहीं रुक रहा था खून, पारस हॉस्पिटल में सर्जरी से बची जान
पटना।
रुकनपुरा,पटना निवासी 53 वर्षीय विजय प्रसाद सीढ़ियों से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में नाक की हड्डी टूटने के साथ अंदरूनी बहुत रक्तस्राव हुआ। लगातार खून बहने से उनका हीमोग्लोबिन घटकर छह ग्राम प्रति डेसीलीटर तक पहुंच गया। चक्कर आने और आंखों के सामने अंधेरा छाने पर परिजन उन्हें पारस एचएमआरआई अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां *ईएनटी विशेषज्ञ डॉ रश्मि प्रसाद* ने सर्जरी कर रक्तस्राव को नियंत्रित किया और मरीज की जान बचाई।
परिजनों के अनुसार, घर में सीढ़ियों से गिरने के बाद मरीज को काफी रक्तस्राव हुआ था। पहले उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां सर्जरी की सलाह दी गई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें पारस एचएमआरआई लाया गया। जांच में चेहरे की हड्डी में फ्रैक्चर से दिमाग का पानी निकलना और नाक की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। मरीज को आइसीयू में भर्ती किया गया। डॉ रश्मि प्रसाद ने डीएनई क्वॉर्टराइजेशन सर्जरी कर रक्तस्राव के स्रोत को नियंत्रित किया और क्षतिग्रस्त रक्त वाहिका की मरम्मत की। तीसरे दिन नाक की पैकिंग हटायी गयी और चौथे दिन मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई अभी मरीज बिल्कुल स्वस्थ है।
*नाक से खून आये तो क्या करें*
डॉ रश्मि प्रसाद ने बताया कि नाक से रक्तस्राव के कई कारण हो सकते हैं। खून आने पर घबराने के बजाय मरीज को बैठाकर नाक को ज़ोर से दबाना चाहिए। उसे लेटाना नहीं बल्कि बैठकर सामने झुकाकर रखना चाहिए। मुंह में आने वाले खून को बाहर निकालते रहना चाहिए। रक्तस्राव नहीं रुकने पर तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। नाक में सरसों का तेल, रूई या कोई अन्य चीज नहीं डालनी चाहिए।
पारस हेल्थ के *जोनल डायरेक्टर डॉ. दीपक सिंह* ने कहा कि नाक से होने वाला अत्यधिक रक्तस्राव कभी-कभी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। चोट के बाद लगातार खून आने, चक्कर या आंखों के सामने अंधेरा छाने पर मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ उपचार से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है और मरीज की जान बचाई जा सकती है।
*पारस एचएमआरआई के बारे में*
पारस एचएमआरआई पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है।
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