विश्व डिस्लेक्सिया दिवस–2026 के अवसर पर जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम

विश्व डिस्लेक्सिया दिवस–2026 के अवसर पर जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम

पटना, 08 अक्टूबर 2026:
विश्व डिस्लेक्सिया दिवस–2026 के अवसर पर सीआरसी पटना (CRC Patna), NILD, कोलकाता के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन, द्वारा एजीपी कार्यक्रम (AGP Programme) के अंतर्गत जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. ललित नारायण, निदेशक, NILD, कोलकाता एवं डॉ. अनिल कुमार, निदेशक प्रभारी, सीआरसी पटना के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना के अंतर्गत समग्र शिक्षा से जुड़े 102 प्रतिभागियों, जिसमें रिसोर्स टीचर्स, आरपी/बीआरपी (समावेशी शिक्षा), विशेष शिक्षक एवं सरकारी विद्यालयों के शिक्षक शामिल थे, ने भाग लिया।

कार्यक्रम के प्रमुख संसाधन व्यक्तियों में डॉ. निधि सिंह, सहायक प्राध्यापक, एमएमसी, पटना विश्वविद्यालय; डॉ. मनीषा कृष्णा, निदेशक एवं अभिभावक/विशेष शिक्षिका, उत्कर्ष सेवा संस्थान; तथा डॉ. अनिल कुमार, सहायक प्राध्यापक, क्लिनिकल साइकोलॉजी, सीआरसी पटना शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान डिस्लेक्सिया से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इनमें डिस्लेक्सिया के लक्षण एवं विशेषताएँ, पहचान, स्क्रीनिंग एवं आकलन पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही डिस्लेक्सिया से प्रभावित बच्चों के लिए हस्तक्षेप रणनीतियाँ, विशेष शिक्षा एवं उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Approaches), कक्षा प्रबंधन तथा समावेशी कक्षाओं में प्रभावी शिक्षण रणनीतियों पर भी प्रतिभागियों को जानकारी दी गई।
सत्रों में डिस्लेक्सिया से प्रभावित विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान करने में शिक्षकों एवं विशेष शिक्षकों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। कार्यक्रम के माध्यम से विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Specific Learning Disabilities–SLD) वाले बच्चों की प्रारंभिक पहचान, उपयुक्त आकलन एवं समयबद्ध हस्तक्षेप के महत्व पर जोर दिया गया तथा प्रतिभागियों को समावेशी शिक्षा की प्रभावी कार्यप्रणाली के प्रति संवेदनशील एवं जागरूक किया गया।

डिस्लेक्सिया जागरूकता पोस्टर प्रतियोगिता

विश्व डिस्लेक्सिया दिवस के अवसर पर सीआरसी पटना में डिस्लेक्सिया जागरूकता विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा डिस्लेक्सिया, इसकी विशेषताओं, प्रारंभिक पहचान, शैक्षिक आवश्यकताओं एवं जागरूकता से संबंधित जानकारीपूर्ण एवं रचनात्मक पोस्टर तैयार किए।

इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता एवं डिस्लेक्सिया संबंधी समझ प्रदर्शित करने का अवसर मिला। साथ ही, इस पहल ने विशिष्ट अधिगम अक्षमता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कार्यक्रम का समन्वय श्री नित्यानंद, मनोवैज्ञानिक, CDEIC, पटना द्वारा किया गया। समन्वय टीम में सुश्री मोनिका सिंह, श्री कुमार भारत भूषण, श्री लाल चंद्र, श्री सुधांशु, श्री रोहित, श्री अमित कुमार एवं श्री शंतानु शामिल रहे।

कार्यक्रम अत्यंत जानकारीपूर्ण, संवादात्मक एवं सीखने की दृष्टि से उपयोगी रहा। इसके माध्यम से शिक्षकों, विशेष शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं पुनर्वास क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के बीच डिस्लेक्सिया की पहचान, आकलन एवं शैक्षिक प्रबंधन से संबंधित ज्ञान एवं समझ को सुदृढ़ किया गया।

पोस्टर प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिस्लेक्सिया एवं विशिष्ट अधिगम अक्षमता (SLD) के प्रति जागरूकता को भी मजबूत किया। समग्र रूप से कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसने समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता, संवेदीकरण एवं क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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