मिथिला हैण्डीकाफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के सदस्यों की प्रथम बैठक मिथिला हस्त कला केन्द्र, मधुबनी में हुई
आज दिनांक 01.08.2026 को मिथिला हैण्डीकाफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के सदस्यों की प्रथम बैठक मिथिला हस्त कला केन्द्र, मधुबनी में हुई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में श्री शीर्षत कपिल अशोक, भा०प्र० से०, सचिव, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, विहार, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, कॉम्फेड, पटना एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री आनन्द शर्मा, भा०प्र० से०, जिलाधिकारी, मधुबनी, श्री अशोक कुमार सिन्हा, अपर निदेशक, पटना म्यूजियम, श्री चन्द्र शेखर प्रसाद सिंह, निदेशक, मिथिला चित्रकला संस्थान, पटना, श्री मुकेश कुमार, सहायक निदेशक, हैण्डीकापट, पटना तथा श्री अरुण कुमार, अधीक्षक अभियंता, पर्यटन विभाग, पटना आमंत्रित थे।
इस कार्यकम की शोभा अपनी उपस्थिति से इसी क्षेत्र की दो प्रतिभावान कलाकार पद्मश्री दुलारी देवी एवं पद्मश्री बउआ देवी ने भी बढ़ाया।
इस बैठक को पूर्व रिकॉर्डेड संदेश के माध्यम से सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री आशीष भुटानी ने भी संबोधित किया तथा कार्यकम के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त की।
इसी प्रकार राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डा० मीनेश शाह ने भी अपने रिकॉर्डेड बधाई संदेश में मिथिला हस्त शिल्प के लिए बनाई जा रही इस समिति के लिए कॉम्फेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को बधाई दिये तथा सभी सदस्यों को सहकारिता के क्षेत्र में एक कांतिकारी कदम उठाने के लिए आभार व्यक्त किया।
इसके अलावा नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री गौतम कुमार सिंह ने भी समिति के गठन पर हार्दिक बधाई दिये तथा इसके वित्त पोषण के लिए आवश्यकतानुसार नाबार्ड की तत्परता के बारे में बताया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शीर्षत कपिल अशोक ने इस समिति के गठन के उद्येश्यों पर चर्चा करते हुए बताये कि मधुबनी जिले की हस्तकला के क्षेत्र में एक विशेष प्रसिद्धि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रही है। अभी हाल ही में भारत सरकार ने जितवारपुर को प्रथम Craft Village के रूप में घोषित किया है। इस जिले से लगभग भारत सरकार के 50,000 मान्यता प्राप्त Artisan Card धारक कलाकार पंजीकृत हैं. जिनमें से अनेक प्रतिभावान कलाकारों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तथा पद्मश्री के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, कॉम्फेड ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि इस हैण्डीकाफ्ट समिति का गठन सहकारिता के मध्य सहकार का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इस सहकारी संस्था के कारण इन कलाकारों की कलाकृतियों को घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने में सहायता मिलेगी व इससे न सिर्फ इन कलाकारों की आय स्तर में सुधार होगा बल्कि इनकी ख्याति में भी वृद्धि होगी। इससे यह सिद्ध होता है कि सहकारिता ही भारत के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण इंजन है। यह अत्यंत ही गर्व का विषय है कि इस सहकारी समिति की सदस्यता के लिए 200 आवेदकों ने प्रथम बार में आवेदन किया है जिसमें से आवेदक सदस्य पद्मश्री पुरस्कार विजेता भी हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंच के माध्यम से मिथिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि०, समस्तीपुर द्वारा सुधा ब्राण्ड के अंतर्गत निर्मित मखाना खीर का भी शुभारम्भ किया गया। ज्ञातव्य हो कि मिथिला क्षेत्र मखाना उत्पादन के लिए भी विश्व प्रसिद्धि रखता है। गणमान्य अतिथियों के साथ-साथ अन्य लोगों ने भी इस खीर के स्वादिष्ट चाव का भाव का लुत्फ उठाया और इसकी प्रशंसा की।
उक्त कार्यक्रम में मिलिन्डा गेट फाउंडेशन से संबंधित टेक्नो सर्व के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कॉम्फेड, पटना तथा मिथिला दुग्ध संघ के पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
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