लोक शिकायत के 31 मामलों की प्रमंडलीय आयुक्त ने की सुनवाई
पटना। प्रमंडलीय आयुक्त श्री राजेश कुमार ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कैमूर, नालंदा, रोहतास एवं भोजपुर जिलों से संबंधित कुल 31 मामलों की सुनवाई की। उन्होंने अधिकांश मामलों का निपटारा किया, जबकि कुछ मामलों में संबंधित जिला पदाधिकारियों को जांच कर आवश्यक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सुनवाई किए गए मामलों में स्ट्रीट लाइट लगाने, आहर-पईन की खुदाई, राजस्व अभिलेख से संबंधित मामले, बिजली बिल, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण, सड़क निर्माण सहित जनहित से जुड़े अन्य मामले भी शामिल थे।
कैमूर जिले से संबंधित गलत EWS प्रमाण-पत्र के आधार पर शिक्षक की नौकरी प्राप्त करने की शिकायत की सुनवाई के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निदेश दिया कि अंचल अधिकारी से प्राप्त सत्यापन संबंधी प्रमाण परिवादी को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, परिवादी को अपने आरोप के पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया तथा मामले में अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित करने का निर्देश दिया गया।
नालंदा जिले से संबंधित मध्याह्न भोजन योजना के रसोइया के जन्म प्रमाण-पत्र में त्रुटि के मामले में भी प्रमंडलीय आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
भोजपुर जिले की परिवादी आरती कुमारी ने बताया कि उनके पिता की वर्ष 2021 में वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अंचलाधिकारी, पीरो द्वारा संबंधित अभिलेख वर्ष 2026 में प्रस्तुत किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने जिला पदाधिकारी, भोजपुर को निर्देश दिया कि मुआवजा भुगतान में हुए विलंब के लिए जिम्मेदार पदाधिकारी/कर्मी की जवाबदेही निर्धारित की जाए तथा 15 दिनों के अंदर मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
भोजपुर जिले से संबंधित मनरेगा में गलत तरीके से मजदूरों की हाजिरी दर्ज करने के मामले में प्रमंडलीय आयुक्त ने जिला पदाधिकारी को डीडीसी की अध्यक्षता में जांच कराते हुए आवश्यक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
भोजपुर जिले से संबंधित त्रिलोकी कुमार उपाध्याय द्वारा न्याय मित्र के गलत तरीके से नियोजन की शिकायत की गई। प्रमंडलीय आयुक्त ने जिला पदाधिकारी, भोजपुर को मामले की जांच कर आवश्यक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
प्रमंडलीय आयुक्त श्री राजेश कुमार ने प्रमंडल अंतर्गत सभी जिलों के संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त मामलों का पूरी संवेदनशीलता के साथ, निर्धारित समय-सीमा के भीतर एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की शिकायतों का ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण निवारण प्रशासन की प्राथमिकता है।
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