2.5 इंच के छोटे चीरे से सफल हृदय सर्जरी: पारस हेल्थ
• 20 वर्षीय युवती को दिया नया जीवन
पटना। आधुनिक चिकित्सा तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का एक और उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पारस हेल्थ- पटना के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग ने 20 वर्षीय मनीषा कुमारी का मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) के माध्यम से सफलतापूर्वक ओस्टियम सेकेंडम एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (Ostium Secundum ASD) का ऑपरेशन किया। मात्र 2.5 इंच के छोटे चीरे (राइट एंटीरियर थोराकोटॉमी) के जरिए की गई इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज को केवल तीन दिनों में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अररिया निवासी 20 वर्षीय मनीषा कुमारी पिछले कुछ समय से सांस फूलने, अत्यधिक थकान और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याओं से परेशान थीं। स्थिति बिगड़ने पर उनके परिजन उन्हें पारस हेल्थ, पटना लेकर आए, जहां विस्तृत जांच में पता चला कि उन्हें जन्मजात हृदय रोग (Ostium Secundum Atrial Septal Defect) है, जिसमें हृदय के दोनों ऊपरी कक्षों के बीच असामान्य छेद होने के कारण बाएं से दाएं दिशा में रक्त का प्रवाह हो रहा था। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर सर्जरी नहीं होने पर भविष्य में यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती थी और मरीज का ऑपरेशन करना भी संभव नहीं रह जाता।
मरीज की कम उम्र और शीघ्र स्वस्थ होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पारस हेल्थ के सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), डॉ. कुमार आदित्य के नेतृत्व में मिनिमली इनवेसिव तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया। इस प्रक्रिया में पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी की तरह सीने की हड्डी (स्टर्नम) को नहीं खोला गया, बल्कि केवल 2.5 इंच के छोटे चीरे के माध्यम से हृदय की सर्जरी की गई।
इस अवसर पर *डॉ. कुमार आदित्य* ने कहा, "मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी आधुनिक हृदय शल्य चिकित्सा की एक उन्नत तकनीक है। इसमें छोटा चीरा लगने के कारण मरीज को कम दर्द होता है, रक्तस्राव कम होता है, संक्रमण का जोखिम घटता है और मरीज सामान्य जीवन में बहुत जल्दी लौट सकता है। साथ ही शरीर पर सर्जरी का निशान भी काफी छोटा और सौंदर्यपूर्ण रहता है।"
सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज को किसी प्रकार की जटिलता का सामना नहीं करना पड़ा। उन्हें ऑपरेशन के केवल तीन दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में मनीषा पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट चुकी हैं।
पारस हेल्थ के *जोनल डाइरेक्टर डॉ. दीपक सिंह* ने बताया कि यह सफलता पारस हेल्थ - पटना में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता तथा गुणवत्तापूर्ण हृदय उपचार सेवाओं का एक और प्रमाण है। यह दर्शाता है कि समय पर सही उपचार और मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों की सहायता से जटिल जन्मजात हृदय रोगों का भी सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार संभव है।
*पारस हेल्थ के बारे में*
पारस हेल्थ- पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है।
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