अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गूंजा स्वास्थ्य और संस्कार का संदेश

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गूंजा स्वास्थ्य और संस्कार का संदेश

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 22 जून ::

पटना में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की स्वायत्त इकाई "मेरा युवा भारत" के तत्वावधान में तथा “राम जानकी प्रगति सेवा संस्थान” के सहयोग से फ्रेजर रोड स्थित युवा आवास परिसर में योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत राम जानकी प्रगति सेवा संस्थान की संस्थापिका-सह-सचिव अर्पणा बाला के प्रेरणादायक संबोधन से हुई। उन्होंने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत बताते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग मानसिक तनाव को दूर कर मन को शांति और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। उनके संदेश ने उपस्थित लोगों को नियमित योग अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध योग गुरु अंशुमाली जी रहे। उन्होंने योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उनके मार्गदर्शन में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक पूरे उत्साह के साथ योग क्रियाओं में शामिल हुए।

इस अवसर पर ‘राम जानकी प्रगति सेवा संस्थान’ की इकाई "चंडी वाहिनी" की पटना जिला समिति की अध्यक्ष ललिता देवी तथा पर्यावरण संरक्षण फोरम की पटना जिला समिति की अध्यक्ष मंजू देवी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने योग को स्वस्थ समाज निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए लोगों को नियमित योग करने की अपील की। कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बनाया।

कार्यक्रम का एक विशेष और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब पर्यावरण संरक्षण फोरम की अध्यक्ष मंजू देवी ने योग गुरु अंशुमाली जी को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस सम्मान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए योग जितना आवश्यक है, उतना ही आवश्यक स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण भी है। पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान संस्था का प्रेरक नारा "संस्कृति बचाओ, समाज जोड़ो, नई पीढ़ी को संस्कार दो" सभी के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यह नारा केवल एक संदेश नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का संकल्प भी है। आयोजन ने यह सिद्ध किया कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, नैतिकता और सामाजिक एकता को मजबूत करने का भी प्रभावी साधन है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस भव्य आयोजन ने पटना में स्वास्थ्य जागरूकता, सांस्कृतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। मेरा युवा भारत और राम जानकी प्रगति सेवा संस्थान के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
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