वैचारिक राजनीति के शिखर पुरुष थे पुरेन्द्र किशोर लाभ*  नीरव समदर्शी, वीरगंज

वैचारिक राजनीति के शिखर पुरुष थे पुरेन्द्र किशोर लाभ* नीरव समदर्शी, वीरगंज

नेपाल की वैचारिक और सिद्धांत आधारित राजनीति के लिए पुरेन्द्र किशोर लाभ का निधन एक ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे लंबे समय तक भर पाना आसान नहीं होगा। पुरेन्द्र किशोर लाभ ने कल रात 12 बजे इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वह आईरा इंटरनेशनल के प्रदेश महासचिव तथा मालंच नई सुबह के संपादक नीरव समदर्शी के बड़े बहनोई थे।
नेपाल की स्थानीय राजनीति को करीब से जानने वाले लोगों के लिए पुरेन्द्र किशोर लाभ केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि सिद्धांत और विचार को राजनीति के केंद्र में रखने वाले नेता के रूप में जाने जाते थे। वह नेपाल के बीरगंज से एमाले पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य भी रह चुके थे और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई ऐसे उदाहरण प्रस्तुत किए, जिनसे उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता और सिद्धांतनिष्ठा स्पष्ट होती है।
नेपाल में जब राजा वीरेंद्र वीर विक्रम शाह के शासनकाल में लोकतांत्रिक व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव हुए, उसी दौर में पुरेन्द्र किशोर लाभ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के बीरगंज के युवा और प्रभावशाली नेताओं में उभरकर सामने आए। उनके राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण प्रसंग उस समय सामने आया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री भट्टराई ने बीरगंज से चुनाव लड़ने की घोषणा की। पार्टी ने उनके विरुद्ध पुरेन्द्र किशोर लाभ को प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया था।

हालांकि, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की व्यापक रणनीति को देखते हुए पुरेन्द्र किशोर लाभ ने स्वयं अपना नाम पीछे कर लिया। उन्होंने व्यक्तिगत राजनीतिक संभावना से अधिक पार्टी की जीत को प्राथमिकता दी। उनके इस निर्णय को उनके राजनीतिक जीवन में विचार और संगठन को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर रखने के महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा गया।

इसके बाद भी उनके राजनीतिक जीवन में ऐसे अनेक अवसर आए, जब वह चाहें तो सत्ता और पद के करीब जा सकते थे। उनके साथ राजनीति करने वाले कई नेताओं ने समय के साथ अवसरवादी राजनीति का रास्ता अपनाया और आर्थिक रूप से मजबूत हुए। इसके विपरीत पुरेन्द्र किशोर लाभ ने सत्ता की ओर से मिलने वाले विभिन्न बोर्डों, निगमों और महत्वपूर्ण पदों के अवसरों को कई बार ठुकराया। उनके लिए पार्टी का विकास, राजनीतिक छवि और सिद्धांत व्यक्तिगत लाभ से अधिक महत्वपूर्ण रहे। 

नेपाल की राजनीति में जब धीरे-धीरे वैचारिक राजनीति के स्थान पर अवसरवाद और राजनीतिक अवमूल्यन को लेकर सवाल उठने लगे, तब भी पुरेन्द्र किशोर लाभ की छवि अपेक्षाकृत अलग बनी रही। हाल के वर्षों में बीरगंज और आसपास के क्षेत्र में पार्टी की छवि को मजबूत करने तथा संस्थानों में ईमानदार और जवाबदेह कार्यप्रणाली स्थापित करने की कोशिश के तहत उन्हें नारायणी अस्पताल, बीरगंज का अध्यक्ष बनाया गया।
उन्होंने इस जिम्मेदारी को केवल राजनीतिक पद के रूप में स्वीकार नहीं किया, बल्कि संस्था के संचालन में अपनी कार्यशैली और प्रतिबद्धता से यह साबित करने का प्रयास किया कि सार्वजनिक जीवन में सिद्धांत और ईमानदारी को अभी भी महत्व दिया जा सकता है। इस जिम्मेदारी के दौरान भी उन्होंने पार्टी की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने का प्रयास किया।
पुरेन्द्र किशोर लाभ का राजनीतिक जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि राजनीति केवल चुनाव जीतने, पद हासिल करने या सत्ता के करीब पहुंचने का माध्यम नहीं है। विचार, सिद्धांत, संगठन और सार्वजनिक जीवन में विश्वसनीयता को भी राजनीति की मूल शक्ति बनाया जा सकता है।
उनके निधन से नेपाल की राजनीति ने एक ऐसे व्यक्ति को खो दिया, जिसने लंबे समय तक वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बनाए रखी। आज जब राजनीति में अवसरवाद और व्यक्तिगत हित को लेकर लगातार बहस होती है, ऐसे समय में पुरेन्द्र किशोर लाभ का राजनीतिक जीवन और उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदर्भ बनी रहेगी।

पुरेन्द्र किशोर लाभ अपने पीछे तीन पुत्रों का परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र अवनिन्द्र किशोर लाभ ने एआईटी, थाईलैंड से एमटेक किया है और वर्तमान में वहीं कार्यरत हैं। उन्होंने ही अपने पिता को मुखाग्नि दी। उनके दूसरे पुत्र सचिन्द्र किशोर लाभ पोखरा इंजीनियरिंग कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल हैं। सबसे छोटे पुत्र यतीन्द्र किशोर लाभ आर्किटेक्ट इंजीनियर हैं और हाल ही में सरकारी नौकरी छोड़कर अपना कार्य प्रारंभ किया है।
पुरेन्द्र किशोर लाभ का जाना उनके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उससे आगे यह नेपाल के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में भी एक ऐसी कमी है, जिसकी भरपाई सहज नहीं होगी। उनके जीवन का सबसे बड़ा परिचय शायद यही रहेगा कि उन्होंने राजनीति में अवसरों से अधिक विचार और पद से अधिक सिद्धांत को महत्व दिया।
             -------------

0 Response to "वैचारिक राजनीति के शिखर पुरुष थे पुरेन्द्र किशोर लाभ* नीरव समदर्शी, वीरगंज"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article