जिलाधिकारी ने की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर जनहित के मामलों को पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ निष्पादित करने का दिया निदेश

जिलाधिकारी ने की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर जनहित के मामलों को पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ निष्पादित करने का दिया निदेश

विगत एक सप्ताह में लंबित मामलों के निष्पादन में उल्लेखनीय प्रगति; सम्पूर्ण टीम इसके लिए बधाई का पात्रः जिलाधिकारी
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लोक शिकायतों का केवल निष्पादन पर्याप्त नहीं, जनता की संतुष्टि सर्वोपरि; सभी पदाधिकारी इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः जिलाधिकारी
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पटना, मंगलवार, दिनांक 30.06.2026ः जिलाधिकारी, पटना श्री कुन्दन कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। उन्होंने विभिन्न विभागों के जिला-स्तरीय पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर जनहित के मामलों को पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ निष्पादित करने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन के लिए जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। आम जन का प्रशासनिक तंत्र पर विश्वास उत्तरोत्तर सुदृढ़ हो इसके लिए सभी पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें।
जिलाधिकारी ने कहा कि विधि-व्यवस्था संधारण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को इस पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया। उन्होंने राजस्व से संबंधित पदाधिकारियों को निदेश दिया कि भूमि विवादों के प्रभावी निष्पादन के लिए सूक्ष्मतम स्तर पर निगरानी करें। भूमि से संबंधित किसी भी विवाद का रूपांतरण विधि-व्यवस्था की समस्या में न हो इसे सुनिश्चित करें। अन्यथा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।

इस बैठक में जिलाधिकारी ने नगर व्यवस्था, आईसीडीएस, शिक्षा, योजना एवं  विकास, लोक शिकायत निवारण, राजस्व, आपूर्ति, कृषि, स्वास्थ्य, कल्याण, आपदा प्रबंधन, उद्योग, डीआरसीसी, मद्य निषेध, खनन, पीएचईडी, ऊर्जा, पथ निर्माण सहित विभिन्न विभागों में प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा सरकार द्वारा निर्धारित मानकों पर अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि विगत एक सप्ताह में विभिन्न विभागों द्वारा कार्यों में काफी अच्छी प्रगति की गई है। यह सराहनीय है तथा सम्पूर्ण टीम इसके लिए बधाई का पात्र है। जिलाधिकारी ने कहा कि विगत बैठक के बाद छः दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के 120 दिन से अधिक लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी आयी है। 21 जून को 1,007 मामले लंबित थे जो घटकर 27 जून को 448 हो गया। आज की समीक्षा में पाया गया कि दाखिल-खारिज के ऐसे मामले और घटकर 256 हो गए हैं। इस प्रकार 10 दिन के अंदर दाखिल-खारिज के 120 दिन से अधिक लंबित मामलों में 751 की कमी आई है। छः दिनों में म्युटेशन के त्रुटि जाँच के भी 4,000 से अधिक मामलों को निष्पादित किया गया है। इसी तरह कई अन्य शाखाओं एवं कार्यालयों में भी 21 जून से 27 जून के बीच पुराने लंबित मामलों में 25 प्रतिशत से अधिक मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है तथा यह प्रदर्शित करता है कि मिशन मोड में काम करने पर लंबित मामलों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से त्वरित गति से निष्पादित किया जा सकता है। उन्होंने पदाधिकारियों को विशेष रूचि लेकर शेष लंबित मामलों को भी कैम्प मोड में निष्पादित करने का निदेश दिया। 

जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों के जिला-स्तरीय पदाधिकारियों को निम्नलिखित निदेश दिया गयाः-

1. सभी पदाधिकारी परिणाम-आधारित कार्यशैली विकसित करें। केवल पत्राचार या बैठक कर खानापूर्ति न करें।  
2. ‘‘स्कूल चलें हम’’ अभियान का सफल क्रियान्वयन करें। पटना जिला के सभी 5,257 आँगनबाड़ी केन्द्रों के पोषक क्षेत्रों में स्कूल पूर्व शिक्षा से छः साल तक के वंचित बच्चों को चिन्हित करें तथा उन्हें आँगनबाड़ी केन्द्रों में दाखिला दिलाएँ। हर एक आँगनबाड़ी केन्द्र का किसी-न-किसी नजदीकी प्राथमिक विद्यालय से सम्बद्धता (टैगिंग) रहनी चाहिए। छः साल के बाद आँगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को नजदीकी प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराएँ। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी इसके लिए आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे। 

3. सहयोग पोर्टल पर प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निष्पादन सुनिश्चित करें। कुल प्राप्त 17,182 आवेदनों में से 15,606 आवेदनों को निष्पादित किया गया है। संबंधित पदाधिकारियों को विशेष रूचि लेकर शेष 1,576 आवेदनों को भी निर्धारित समय-सीमा के अंदर निष्पादित करने का निदेश दिया गया।  

4. मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना एवं कुशल युवा कार्यक्रम का विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप क्रियान्वयन करें। शिथिलता बरतने पर डीआरसीसी के संबंधित सहायक प्रबंधक (योजना)-एएमएस के मानदेय में कटौती करने का निदेश दिया गया। 

5. दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन प्लस के लंबित मामलों को त्वरित गति से गुणवत्तापूर्ण ढंग से निष्पादित करें। भूमि सुधार उप समाहर्ता अनुश्रवण करें। आपत्ति वाले मामलों का गहन अनुश्रवण करें। 

7. खाद्यान आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ रखें। अपर जिला दंडाधिकारी, आपूर्ति सभी ट्रान्सपोर्टर्स के साथ बैठक कर इसका अनुश्रवण करें। सभी अनुमंडल पदाधिकारी अक्रियाशील राशन कार्ड का सत्यापन करें। जन-वितरण प्रणाली की दुकानों से पिछले 12 माह से राशन का लगातार उठाव नहीं करने वाले मामलों की जाँच करें। 

8. आरटीपीएस के आवेदनों का समयबद्ध ढंग से गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करें।

9. सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जरूरतमंदों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करें। रोगियों को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। 

10. लोक शिकायत के मामलों का त्वरित निवारण करें। केवल निष्पादन से काम नहीं चलेगा। जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। सभी पदाधिकारी जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऐसा मामला प्रकाश में आने पर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।

11. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करें। 

12. हर एक आँगनबाड़ी केन्द्र में सुचारू एवं स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करें।   

13. अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) नगर निगम, पुलिस एवं अन्य विभागों तथा एजेंसियों से सुदृढ़ समन्वय स्थापित कर जोनवाईज अतिक्रमण-हॉटस्पॉट को चिन्हित करें तथा व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान चलाएँ। दोबारा अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करें। अतिक्रमण-उन्मूलन के पश्चात संबंधित विभागों के पदाधिकारी उस क्षेत्र में जन-सुविधाओं यथा ग्रीन पार्क, खेल का मैदान, रिक्रिएशन जोन इत्यादि विकसित करें। 

समीक्षा में पाया गया कि अंचल अधिकारी, बिहटा; जिला अवर निबंधक, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यों में विगत एक सप्ताह में कोई प्रगति नहीं आयी है। इन अधिकारियों द्वारा आधिकारिक दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरती जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा इन सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण करते हुए उन्हें अपनी-अपनी कार्यशैली में सुधार लाने एवं आम जनता से संबंधित कार्यों को तेजी से विधिवत निष्पादित करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर इन अधिकारियों द्वार समर्पित स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं पाया जाएगा तो उनके विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।
इस बैठक में नगर आयुक्त, पटना नगर निगम; सभी अपर जिला दंडाधिकारीगण; सभी विभागों के पदाधिकारीगण; तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंतागण एवं अन्य भी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी छः अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे। 

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