आधुनिक तकनीक के प्रशिक्षण से राज्य में तेजी से विकसित हो रहा है मत्स्य पालन, बढ़ रहा उत्पादन
मत्स्य पालन से जुड़े किसानों की जिंदगी में आई खुशहाली और समृद्धि
राज्य और देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में लगातार बिहार के मत्स्य पालकों को दिलाया जा रहा प्रशिक्षण
जल्द ही करीब 10 हजार किसानों को निःशुल्क मिलेगा मछली पालन का प्रशिक्षण
पटना, 02 अक्टूबर।
बिहार सरकार राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य के मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। मत्स्य पालकों को यह प्रशिक्षण न सिर्फ राज्य में, बल्कि देश के प्रसिद्ध संस्थानों में दिया जा रहा है। अब तक हजारों मत्स्य पालकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
इस प्रशिक्षण में देश और दुनिया में इस्तेमाल हो रही मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों से उन्हें परिचित कराया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि नवीनतम बैज्ञानिक तकनीकियों का इस्तेमाल कर वे कैसे कम खर्च में बेहतर उत्पादन कर सकते हैं।
मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना का उद्देश्य राज्य के मत्स्य किसानों को नवीनतम मात्स्यिकी तकनीकों एवं मत्स्य पालन की आधुनिक विधियों में प्रशिक्षित करना है, जिससे मछली उत्पादन के साथ-साथ उनकी वार्षिक आय में वृद्धि हो सके। यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क है। निबंधन शुल्क के अलावा लाभार्थियों से कोई अन्य राशि नहीं ली जाती है। इस प्रशिक्षण से यह लाभ हो रहा है कि राज्य के मत्स्य उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है और इस व्यवसाय से जुड़े किसानों की जिंदगी में आर्थिक समृद्धि आ रही है।
इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी राज्य के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 9,685 (लगभग 10 हजार) किसानों को मछली पालन का निःशुल्क प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए 'मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना' के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस कार्यक्रम के तहत राज्य के अंदर और बाहर स्थित प्रतिष्ठित मात्स्यिकी संस्थानों में कुल 332 बैचों में 9,685 मत्स्य कृषकों/मछुआरों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
70 हजार से अधिक को दिया गया प्रशिक्षण
मछली उत्पादन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में अब तक 70,221 मछली पालकों को राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित मत्स्य संस्थानों में निःशुल्क आधुनिक प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें 52,485 मछली पालकों को राज्य के भीतर तथा 17,726 मछली पालकों को राज्य के बाहर के संस्थानों में प्रशिक्षित किया जा चुका है।
वहीं, भ्रमण-दर्शन कार्यक्रम के तहत अब तक 47,409 से अधिक मछली पालकों को राज्य में विकसित आर्द्रभूमि एवं बायोफ्लॉक इकाइयों की निर्माण प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए निःशुल्क भ्रमण कराया गया है।
राज्य ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में पाई बड़ी सफलता
बिहार में मछली उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का कुल मछली उत्पादन 9.69 लाख मीट्रिक टन था, जो 2025-26 में बढ़कर 10.28 लाख मीट्रिक टन हो गया। सरकार के प्रयासों से 8,262 हेक्टेयर में नए जल क्षेत्र का सृजन, 4,305 हेक्टर में नया तालाब का निर्माण, 2,380 हेक्टेयर चौर भूमि में आधुनिक तालाबों का निर्माण और 5,301 ट्यूबवेल का अधिष्ठापन किया गया है। 233 मत्स्य बीज हैचरियों से लगभग 70 प्रतिशत उच्च गुणवत्ता युक्त मत्स्य बीज की उपलब्धता पूरी हो रही है। साथ ही विभाग के प्रयास से 89 फिश फीड मिलों से 50 हजार टन से अधिक गुणवत्तापूर्ण मत्स्य आहार का उत्पादन हो रहा है, जिससे राज्य मात्स्यकी के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है।
0 Response to "आधुनिक तकनीक के प्रशिक्षण से राज्य में तेजी से विकसित हो रहा है मत्स्य पालन, बढ़ रहा उत्पादन"
एक टिप्पणी भेजें