सोनम वांगचुक को विपक्ष की राजनीति का माध्यम बनने से बचना चाहिए, संवाद ही सर्वोत्तम रास्ता : श्याम सुन्दर शरण
पटना, 17 जुलाई। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रति देशवासियों के मन में सम्मान है। ऐसे में यह आवश्यक है कि उनके व्यक्तित्व और जनविश्वास का इस्तेमाल किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए न हो। किसी भी संवेदनशील विषय का समाधान संवाद, सकारात्मक सोच और आपसी विश्वास से ही निकलता है।
शरण ने कहा कि जिस विषय को लेकर आंदोलन की चर्चा हो रही थी, उससे संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय भी हो चुके हैं। ऐसे समय में विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय रचनात्मक संवाद और समाधान की दिशा में प्रयास होना चाहिए। यदि किसी प्रकार की चिंता या सुझाव है तो उसे सरकार के समक्ष वार्ता के माध्यम से रखा जाना अधिक उचित होगा।
उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दल इस पूरे विषय को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। केवल सहानुभूति जताने या फोटो खिंचवाने से किसी समस्या का समाधान नहीं निकलता। सोनम वांगचुक जैसे सम्मानित व्यक्ति को विपक्ष की राजनीतिक रणनीतियों का माध्यम बनने से बचना चाहिए। देश उन्हें एक जागरूक और सकारात्मक सोच वाले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में देखता है, इसलिए उनसे भी यही अपेक्षा है कि वे किसी राजनीतिक जाल में फंसने के बजाय रचनात्मक भूमिका निभाएं।
श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि देशहित, विद्यार्थियों के भविष्य और सामाजिक सौहार्द को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और विश्वास ही हर जटिल विषय का सबसे प्रभावी समाधान है, और उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
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